मुंबई, महाराष्ट्र: महान पार्श्व गायिका आशा भोसले का रविवार को मुंबई में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया जिससे भारतीय संगीत के एक युग का अंत हो गया। उनके बेटे आनंद भोसले ने इस खबर की पुष्टि करते हुए अंतिम संस्कार की जानकारी दी।
उन्होंने बताया, “मेरी मां का आज निधन हो गया। लोग कल सुबह 11 बजे लोअर परेल स्थित कासा ग्रांडे में उन्हें श्रद्धांजलि दे सकते हैं, जहां वह रहती थीं। अंतिम संस्कार कल शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।” आशा भोसले को शनिवार शाम अत्यधिक थकान और सीने में संक्रमण के कारण ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
#WATCH | Mumbai: Legendary singer Asha Bhosle's son, Anand Bhosle says, "My mother passed away today. People can pay their last respects to her at 11 am tomorrow at Casa Grande, Lower Parel, where she lived. Her last rites will be performed at 4 pm tomorrow at Shivaji Park." https://t.co/enJlEizboY pic.twitter.com/4WqTd9HYxg
— ANI (@ANI) April 12, 2026
आशा भोसले का निधन मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण हुआ
डॉ. प्रतीत समदानी ने मृत्यु के कारण की पुष्टि करते हुए कहा, “आशा भोसले का आज ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। उनका निधन मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण हुआ।” उनकी पोती जनाई भोसले ने पहले सोशल मीडिया पर उनकी तबीयत के बारे में जानकारी देते हुए लिखा था कि अत्यधिक थकान और सीने में संक्रमण के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है।
कम उम्र में की संगीत करियर की शुरुआत
1933 में जन्मी आशा भोसले ने कम उम्र में ही अपने संगीत करियर की शुरुआत की और 1950 के दशक में प्रसिद्धि हासिल की। अपने लंबे करियर में उन्होंने हजारों गाने कई भारतीय भाषाओं में गाए, जिनमें शास्त्रीय, ग़ज़ल, कैबरे, पॉप और लोक संगीत शामिल हैं।
उन्होंने देश के कई बड़े संगीतकारों और फिल्म निर्माताओं के साथ काम किया और भारतीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली आवाज़ों में से एक बनीं। उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिले। 2011 मेंगिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स ने उन्हें संगीत इतिहास की सबसे अधिक रिकॉर्डिंग करने वाली कलाकार के रूप में मान्यता दी।
उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर
उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर है। प्रशंसक, कलाकार और कई सार्वजनिक हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और भारतीय संगीत में उनके योगदान को याद कर रहे हैं।
आशा भोसले की बहुमुखी प्रतिभा उनके प्रसिद्ध गीतों में झलकती है, जैसे “दिल चीज़ क्या है”, “पिया तू अब तो आजा”, “मेरा कुछ सामान” और “चुरा लिया है तुमने”। वह एक प्रतिष्ठित संगीत परिवार से थीं। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक शास्त्रीय गायक और रंगमंच कलाकार थे, और उनकी बहन लता मंगेश्कर भी महान गायिका थीं।
भारतीय संगीत में एक स्वर्णिम युग का अंत
पिता के निधन के बाद उन्होंने कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए गायन शुरू किया। बाद में उन्होंने गणपत राव भोसले से विवाह किया और फिर प्रसिद्ध संगीतकार आर. डी. बर्मन से शादी की। उनका निधन भारतीय संगीत इतिहास में एक अपूरणीय क्षति है और एक स्वर्णिम युग का अंत दर्शाता है।