ईस्ट गोदावरी, आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले में संदिग्ध दूध मिलावट के मामले में मौतों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (DMHO) के. वेंकटेश्वर राव ने रविवार को इसकी पुष्टि की।
अधिकारी के अनुसार, तीन अन्य लोग अभी भी राजमहेंद्रवरम के अस्पतालों में इलाजरत हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जांच में पाया गया कि मरीजों में किडनी फेल्योर और ब्लड यूरिया व सीरम क्रिएटिनिन का स्तर काफी बढ़ा हुआ था, जो विषाक्त पदार्थों के संपर्क का संकेत देता है।
STORY | Death toll rises to 16 in Andhra milk adulteration caseThe death toll in the suspected milk adulteration case in East Godavari district has risen to 16, while three persons are currently undergoing treatment at hospitals in Rajamahendravaram, officials said on Sunday.… pic.twitter.com/MkzIy49ywD
— Press Trust of India (@PTI_News) March 22, 2026
गंभीर लक्षण और शुरुआती जांच
22 फरवरी को राजमहेंद्रवरम के KIMS अस्पताल में कई बुजुर्ग मरीजों को भर्ती किया गया था। उनमें निम्नलिखित लक्षण पाए गए:
दूध सप्लाई से जुड़ा संभावित कारण
प्रारंभिक महामारी विज्ञान जांच में दूध सेवन को संभावित कारण माना गया है। यह दूध वरलक्ष्मी मिल्क डेयरी से 106 परिवारों को सप्लाई किया गया था। मामले के सामने आने के बाद इस डेयरी से दूध की सप्लाई तुरंत रोक दी गई।
फूड सेफ्टी विभाग की कार्रवाई
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में भी खाद्य मिलावट के खिलाफ अभियान चलाया गया। फूड सेफ्टी विभाग (UPFSDA) और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मिलकर कानपुर में छापेमारी की, जिसमें:
🚨 BREAKING: Death toll in Andhra Pradesh’s East Godavari suspected milk adulteration case rises to 16.Three others remain under treatment in Rajamahendravaram, as officials probe ethylene glycol contamination in the milk supply. Vendor arrested, dairy unit sealed.… pic.twitter.com/zgn8P9PCvL
— Public News X (@PublicNewsX) March 22, 2026
त्योहारों से पहले सख्ती
त्योहारों के मौसम को देखते हुए लखनऊ, रायबरेली और अन्य क्षेत्रों में भी निरीक्षण और छापेमारी की जा रही है। कोल्ड स्टोरेज, डेयरी और मिठाई दुकानों से सैंपल लिए जा रहे हैं और संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की जा रही है।
निष्कर्ष: दूध मिलावट का यह मामला गंभीर स्वास्थ्य संकट बन गया है, जबकि देश के अन्य हिस्सों में भी खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई जारी है।