नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच विवाद शुक्रवार को और तेज हो गया। दिल्ली में कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए चुनाव आयोग (ECI) कार्यालय के बाहर पुलिस की तैनाती की गई। कांग्रेस सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। इसी मुद्दे पर भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने भी शुक्रवार को 5 रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक मार्च निकालने का कार्यक्रम रखा। कांग्रेस की विभिन्न राज्य इकाइयों ने भी राज्य निर्वाचन कार्यालयों तक प्रदर्शन मार्च की घोषणा की है। विवाद की पृष्ठभूमि में द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट है। रिपोर्ट के मुताबिक, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने मतदाता नाम जोड़ने और हटाने, चुनावी डेटा तक पहुंच तथा SIR प्रक्रिया से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर सवाल उठाए थे। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों को संस्थागत असहमति के तौर पर पेश किए जाने को खारिज किया है। आयोग के अनुसार, कामकाज के दौरान परिचालन संबंधी सवाल, आंतरिक सुझाव और प्रशासनिक टिप्पणियां बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग ने कहा है कि SIR समेत सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
#WATCH | Police personnel are deployed outside the office of the Election Commission of India, as the Delhi Congress is to hold a protest demonstration outside the EC office here today. Indian Youth Congress is also scheduled to hold a protest march today from 5, Raisina Road… pic.twitter.com/g9vQO8wXX6
— ANI (@ANI) September 25, 2026
युवा कांग्रेस ने शुरू किया ऑनलाइन अभियान
भारतीय युवा कांग्रेस ने गुरुवार को ‘Gyanesh, It's Done Bro’ नाम से ऑनलाइन नागरिक याचिका अभियान भी शुरू किया। संगठन ने सीईसी को हटाने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों की व्यापक जांच की मांग की है। युवा कांग्रेस ने चुनावी रिकॉर्ड और आंतरिक आपत्तियों को सार्वजनिक करने की भी मांग रखी है। ये मांगें कांग्रेस और उसके संगठनों के राजनीतिक अभियान का हिस्सा हैं।
Still watching, Gyanesh? 🍿Coz India has already hit “IT’S DONE BRO.”Now it’s your turn to hit SIGN.Demand ARREST.Add your name to the Citizens’ Petition.https://t.co/qTh9BLLKMN pic.twitter.com/17RcE78y3u
— Indian Youth Congress (@IYC) September 24, 2026
पंजाब और कर्नाटक में भी विरोध
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी सीईसी ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की है। उन्होंने 25 सितंबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च निकालने की घोषणा की थी। यह मार्च सचिन पायलट के नेतृत्व में आयोजित किए जाने की बात कही गई। कर्नाटक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में शिकायत देकर ज्ञानेश कुमार और भाजपा विधायक अभय पाटिल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव के जरिए नागरिकों के मतदान अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश की गई। ये आरोप कांग्रेस की शिकायत का हिस्सा हैं और इनका स्वतंत्र रूप से स्थापित होना अलग विषय है।
ਵੋਟ ਚੋਰੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੁਣ SIR ਦੇ ਨਾਂ 'ਤੇ ਭਾਰਤ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਧਾਂਦਲੀ, ਕੌਮੀ ਕਨਵੀਨਰ @ArvindKejriwal ਨੇ ਗਿਆਨੇਸ਼ ਕੁਮਾਰ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ ਕਰ ਕੇ ਦੇਸ਼ ਧ੍ਰੋਹ ਦਾ ਮੁਕੱਦਮਾ ਚਲਾਉਣ ਦੀ ਕੀਤੀ ਮੰਗ#ArrestGyaneshKumar pic.twitter.com/cbCUhNU9Di
— AAP Punjab (@AAPPunjab) September 23, 2026
𝐁𝐉𝐏 & 𝐑𝐒𝐒’ 𝐨𝐥𝐝 𝐡𝐚𝐛𝐢𝐭 𝐨𝐟 𝐔𝐬𝐞 & 𝐓𝐡𝐫𝐨𝐰. 𝐆𝐲𝐚𝐧𝐞𝐬𝐡 𝐊𝐮𝐦𝐚𝐫, 𝐲𝐨𝐮’𝐫𝐞 𝐝𝐨𝐧𝐞 𝐁𝐫𝐨! pic.twitter.com/tmTRihfqby
— AAP (@AamAadmiParty) September 25, 2026
विपक्ष संसद में लाने की तैयारी में प्रस्ताव
SIR विवाद के बीच विपक्षी दल संसद के दोनों सदनों में सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव का नोटिस देने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि इस प्रस्ताव को कानूनी विशेषज्ञों की मदद से तैयार किया जा रहा है और दोनों सदनों में नोटिस जल्द दिया जा सकता है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, अप्रैल में विपक्षी सांसदों की ओर से सीईसी को हटाने का एक नोटिस राज्यसभा में लंबित है और अब नया नोटिस देने की तैयारी है।
राहुल गांधी ने भी सीईसी के इस्तीफे की मांग की
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और चुनावों में कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव सहित कई चुनावों में कथित गड़बड़ी का दावा किया। उनके ये दावे राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें चुनाव आयोग स्वीकार नहीं करता। राहुल गांधी की टिप्पणियों के जवाब में चुनाव आयोग का कहना है कि SIR से संबंधित अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग ने अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINet को सुरक्षित और विकेंद्रीकृत व्यवस्था बताते हुए कहा है कि वैधानिक जिम्मेदारियां निर्धारित चुनाव अधिकारियों के जरिए पूरी की जाती हैं।
29 सितंबर की बैठक में उठ सकता है मुद्दा
एसआईआर और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की 29 सितंबर को नई दिल्ली में बैठक प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस बैठक में चुनावी प्रक्रिया, एसआईआर और सीईसी के खिलाफ विपक्ष की आगे की रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
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