भारतीय निर्वाचन आयोग में आईटी विभाग की जिम्मेदारी और अधिकारियों के बीच रिपोर्टिंग व्यवस्था को लेकर करीब तीन महीने से चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। आयोग ने नए कार्य आवंटन आदेश के जरिए आईटी और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) विभाग की निगरानी वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त पवन कुमार शर्मा को सौंप दी है। इसके तहत महानिदेशक (IT) सीमा खन्ना को अब संबंधित विभागों की फाइलें पवन कुमार शर्मा के माध्यम से प्रस्तुत करनी होंगी। इस फैसले के साथ जुलाई में सामने आए कार्य आवंटन विवाद के बाद रिपोर्टिंग व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गई है।

चुनाव आयोग की ओर से बुधवार को जारी नए आदेश में आईटी और आईसीटी विभाग की जिम्मेदारी वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त पवन कुमार शर्मा को दी गई है। आदेश के मुताबिक, सीमा खन्ना को इन विभागों से जुड़ी फाइलें सीधे आयोग के सामने रखने के बजाय वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त के माध्यम से भेजनी होंगी। इस व्यवस्था से आईटी विभाग की निगरानी एक वरिष्ठ अधिकारी के स्तर पर बनी रहेगी।

जुलाई में बदले गए कार्य आवंटन से शुरू हुआ था विवाद

इस पूरे मामले की शुरुआत 28 जुलाई को जारी कार्य आवंटन आदेश से हुई थी। उस समय आईटी और आईसीटी विभाग को तत्कालीन उप चुनाव आयुक्त संजय कुमार के प्रभार से हटाकर महानिदेशक सीमा खन्ना को सौंप दिया गया था। इस बदलाव के बाद सीमा खन्ना को सीधे चुनाव आयोग को रिपोर्ट करने की व्यवस्था की गई थी।

इससे पहले आईटी विभाग से जुड़ी फाइलें उप चुनाव आयुक्त के माध्यम से आयोग तक पहुंचती थीं। इसलिए जुलाई के आदेश को रिपोर्टिंग व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा गया। आदेश सामने आने के बाद आयोग के भीतर इस पर आपत्ति भी दर्ज कराई गई।

जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 29 जुलाई को तत्कालीन कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन को पत्र लिखकर इस आदेश पर सवाल उठाए थे। दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्ति थी कि वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग ने आयोग की मंजूरी के बिना कार्य आवंटन से जुड़ा आदेश जारी किया था। इस घटनाक्रम ने चुनाव आयोग के प्रशासनिक कामकाज और अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर बहस खड़ी कर दी थी।

चुनाव आयोग ने कहा- जुलाई का आदेश लागू नहीं हुआ

विवाद के बीच चुनाव आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा था कि 28 जुलाई को जारी आदेश को वास्तव में लागू ही नहीं किया गया था। आयोग के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के बाद रिपोर्टिंग व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ था।

आयोग के मुताबिक, अगस्त में संजय कुमार के आयोग से जाने के बाद आईटी विभाग का प्रभार लिंक अधिकारी के तौर पर मनीष गर्ग के पास रहा। इस दौरान सीमा खन्ना उनके माध्यम से ही संबंधित फाइलें प्रस्तुत करती रहीं। यानी जुलाई में जारी आदेश के बावजूद विभाग की रिपोर्टिंग व्यवस्था पहले की तरह ही जारी रही।

गुरुवार को आयोग के एक सूत्र ने भी इस बात पर जोर दिया कि कार्य आवंटन से संबंधित फैसला आयोग की सर्वसम्मति के अनुरूप है। सूत्र के मुताबिक, महानिदेशक (IT) की रिपोर्टिंग व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वह पहले भी उप चुनाव आयुक्त स्तर के अधिकारी को रिपोर्ट करती रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा था मामला

चुनाव आयोग के भीतर कार्य आवंटन को लेकर उठे सवाल बाद में न्यायिक स्तर पर भी पहुंचे। 23 सितंबर को द इंडियन एक्सप्रेस की एक पड़ताल में इस विवाद से जुड़ी जानकारी सामने आई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने 28 जुलाई के आदेश को लेकर कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा था।

इसके बाद चुनाव आयोग के कामकाज और प्रशासनिक फैसलों से जुड़े मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं भी दाखिल की गईं। इस मामले में 26 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाबी हलफनामे में आयोग ने जुलाई के आदेश की पृष्ठभूमि और उसके लागू नहीं होने की स्थिति पर अपना पक्ष रखा।

हलफनामे में आयोग ने कहा कि 28 जुलाई 2026 का आदेश अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी मनीष गर्ग ने जारी किया था। आयोग के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से दिए गए संयुक्त निर्देश के मद्देनजर इस आदेश को लागू नहीं किया गया। इस जवाब के जरिए आयोग ने अदालत के सामने यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि जुलाई के आदेश के बाद वास्तविक प्रशासनिक व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ था।

नए आदेश से रिपोर्टिंग व्यवस्था हुई स्पष्ट

अब नए कार्य आवंटन आदेश के तहत आईटी और आईसीटी विभाग की जिम्मेदारी वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त पवन कुमार शर्मा को सौंप दी गई है। इसके बाद महानिदेशक सीमा खन्ना को संबंधित विभागों की फाइलें उनके माध्यम से प्रस्तुत करनी होंगी।

इस फैसले को जुलाई में सामने आए विवाद के बाद रिपोर्टिंग व्यवस्था को औपचारिक रूप से स्पष्ट करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। हालांकि, आयोग का कहना है कि महानिदेशक (IT) की रिपोर्टिंग व्यवस्था में कोई नया बदलाव नहीं हुआ है और विभाग पहले से ही उप चुनाव आयुक्त स्तर के अधिकारी के माध्यम से काम कर रहा था।

इस पूरे घटनाक्रम ने चुनाव आयोग के भीतर कार्य आवंटन, प्रशासनिक अधिकारों और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को लेकर उठे सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। नए आदेश से कम से कम आईटी और आईसीटी विभाग की निगरानी तथा फाइलों को प्रस्तुत करने की प्रक्रिया स्पष्ट हो गई है। अब विभाग से जुड़े कामकाज में सीमा खन्ना को पवन कुमार शर्मा के माध्यम से ही फाइलें आगे बढ़ानी होंगी।