नई दिल्ली: लोकसभा से भाजपा सांसद और अभिनेत्री से नेता बनीं कंगना रनौत ने सोमवार को संसद में विपक्ष द्वारा किए जा रहे हंगामे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार को अपने कामकाज और फैसलों के बारे में निर्णय लेने का संप्रभु अधिकार है और उस पर “दबाव डालकर” फैसले नहीं करवाए जा सकते।
संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कंगना रनौत ने कहा कि संसद का मुख्य उद्देश्य सभी मुद्दों पर सार्थक चर्चा करना और सरकार को जवाबदेह बनाना है, न कि हंगामा और अराजकता पैदा करना। उन्होंने कहा, “संसद सत्र इसलिए होता है ताकि हम सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर सकें और सरकार से हर विषय पर जवाबदेही तय की जा सके। यही इसका उद्देश्य है। हम चाहते हैं कि सत्र चले और विपक्ष अपने सवाल सदन में उठाए। लेकिन अगर वे हंगामा और अराजकता पैदा करते हैं, जैसा कि इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हो रहा है, तो यह सही नहीं है।”
VIDEO | Parliament Monsoon Session: BJP MP Kangana Ranaut says, "Our parliamentary sessions are meant specifically for us to discuss all issues in an extensive and detailed manner and to raise relevant questions. Creating a ruckus, causing disruptions, and protesting in this… pic.twitter.com/lTfWpvm0eL
— Press Trust of India (@PTI_News) July 20, 2026
'सरकार पर किसी मंत्री को पद से हटाने का दबाव नहीं बनाया जा सकता'
सरकार में मंत्रियों या अधिकारियों को हटाने अथवा बनाए रखने से जुड़े दबाव पर कंगना ने विपक्ष को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि सरकार पर इस बात के लिए दबाव नहीं बनाया जा सकता कि वह किसे पद से हटाए और किसे बनाए रखे। कंगना रनौत ने कहा, “आप सरकार को यह तय करने के लिए दबाव में नहीं ला सकते कि किसे हटाना है और किसे पद पर रखना है। इस तरह का दबाव बनाना सही नहीं है।”
इसके आगे उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार को यह तय करने का अधिकार है कि वह सरकार कैसे चलाएगी। कंगना ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि अगर किसी को सरकार के फैसलों से इतनी आपत्ति है, तो उसे खुद चुनाव लड़कर जनता का समर्थन हासिल करना चाहिए। उन्होंने कहा, “जनता द्वारा चुनी गई सरकार को यह तय करने का अधिकार है कि सरकार कैसे चलानी है। अगर आपको इस पर इतनी आपत्ति है, तो खुद चुनाव लड़िए।”
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई
इससे पहले सोमवार को संसद का मानसून सत्र शुरू होने के कुछ ही समय बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्षी सांसद NEET विवाद और अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा गबन के मामले पर चर्चा की मांग करते हुए लगातार नारेबाजी कर रहे थे।
सत्र की शुरुआत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा पूर्व सांसदों नादेंदला भास्कर राव, ओमवती देवी, सुधांशु शील, मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी एवीएसएम (सेवानिवृत्त), केपी धनपालन और प्यारे लाल सांखवार को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके अलावा कतर के पूर्व अमीर और फादर अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी को भी श्रद्धांजलि दी गई।
विपक्ष ने NEET परीक्षा और कथित चंदा चोरी मामले पर की नारेबाज़ी
श्रद्धांजलि संदर्भ के बाद विपक्षी सांसदों ने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित चंदा गबन के मामले पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कई बार सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा, “कृपया अपनी सीटों पर बैठें और सदन चलाने में सहयोग करें।”
हालांकि, विपक्षी सांसदों की नारेबाजी जारी रही, जिसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि वे NEET-UG 2026 विवाद और अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा गबन के मामले पर सदन में चर्चा की मांग करेंगे।
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