नई दिल्ली, भारत: पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे (सेवानिवृत्त), जिन्होंने हाल ही में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत की क्षेत्रीय अखंडता की मजबूती से रक्षा को लेकर सुर्खियां बटोरी थीं, अब अपनी नई किताब के साथ लौटे हैं। इस बार वह युद्ध के अनुभवों से हटकर भारतीय सशस्त्र बलों से जुड़ी छिपी कहानियों, दिलचस्प मिथकों और अनकही सच्चाइयों को सामने ला रहे हैं।
उनकी नई पुस्तक 'The Curious and the Classified: Unearthing Military Myths and Mysteries' भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के इतिहास से जुड़े कम ज्ञात किस्सों को उजागर करती है। इसके अलावा, पुस्तक में बाबा हरभजन की कहानी, INS खुकर का दुखद अंत, वायुसेना के पायलटों के कॉल साइन और सैन्य खच्चर पेडोंगी के साहसिक किस्सों को भी शामिल किया गया है।
Gurugram, Haryana: On his book 'The Curious and the Classified: Unearthing Military Myths and Mysteries', former Indian Army Chief General Manoj Mukund Naravane (Retd) says, "As you mentioned, Shashi Tharoor has a book called A Wonderland of Words, which contains about 100 or 101… pic.twitter.com/v6k4XdaAEM
— IANS (@ians_india) April 25, 2026
बेंगलुरु का संबंध एक हथियार से कैसे जुड़ा
क्या आप जानते हैं कि लोकप्रिय नारा ‘चक्क दे फट्टे’ की जड़ें 17वीं और 18वीं सदी की सिख सेनाओं से जुड़ी हैं? या ‘बदलूराम का बदन’ गाने के पीछे का असली सैनिक 'Battle of Kohima' में शहीद हुआ था? यह किताब यह भी बताती है कि कैसे बेंगलुरु शहर का संबंध प्रथम विश्व युद्ध के दौरान एक अहम हथियार से जुड़ा।
सैनिक जीवन के अनुभव से जुड़ी है किताब
मीडिया से बातचीत में जनरल नरवणे ने कहा कि उनकी पिछली काल्पनिक किताब 'The Cantonment Conspiracy' के विपरीत, यह पुस्तक पूरी तरह गैर-काल्पनिक है। उन्होंने कहा, “इस बार मैं असली कहानियां लेकर आया हूं, जिनके बारे में लोग जानना चाहते हैं लेकिन उनसे अनजान हैं। ये वही वास्तविक अनुभव हैं जो एक सैनिक अपने जीवन में देखता है।”
Gurugram, Haryana: On govt's stand during the India-China standoff, the Indian Army's retaliation against the Chinese Army and the current situation along the LAC, former Indian Army Chief General Manoj Mukund Naravane (Retd) says, "Look, whenever any action happens, it is always… pic.twitter.com/m2czw5xjgq
— IANS (@ians_india) April 25, 2026
किताब में कठिन परिस्थितियों की कहानी है
इसके आगे उन्होंने कहा, “हर व्यक्ति अपनी सोच के अनुसार चीजों को समझने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन ऐसा करते समय उसे राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखना चाहिए।” यह पुस्तक सैनिक जीवन के मूल मूल्यों—कर्तव्य, निष्ठा, साथियों के प्रति समर्पण और परंपराओं पर गर्व—को उजागर करती है, जो कठिन परिस्थितियों में परखे जाते हैं।
Gurugram, Haryana: On lessons India can take from the ongoing West Asia conflict, former Indian Army Chief General Manoj Mukund Naravane (Retd) says, "Every war provides many lessons. Some are immediate lessons from the battlefield, but it is difficult to determine how true they… pic.twitter.com/LEDZYX8pAG
— IANS (@ians_india) April 25, 2026