नई दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। विपक्ष ने यह विरोध प्रदर्शन नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, विभिन्न राज्यों में पेपर लीक की घटनाओं और हाल में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई वरिष्ठ विपक्षी नेता शामिल हुए।
विपक्ष का कहना है कि देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और सरकार को इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए। सांसदों ने संसद परिसर में नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई।
काले कपड़ों से जताया विरोध
विपक्षी सांसदों ने काले रंग के कपड़े पहनकर संसद पहुंचने का फैसला लिया। उनका कहना था कि यह लोकतांत्रिक विरोध का प्रतीक है और छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने का संदेश देता है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह प्रदर्शन केवल परीक्षा प्रणाली से जुड़े सवालों तक सीमित नहीं है, बल्कि हाल में छात्रों और विपक्षी सांसदों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध का भी हिस्सा है। विपक्ष ने सरकार से संवाद की पहल करने और छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने की मांग की।
#WATCH | Delhi: Wearing black clothes, Opposition MPs protest on the Parliament premises. Earlier this morning, Congress MP Pawan Khera told ANI that all Opposition MPs are wearing black today as a mark of "protest against what they have done to the students of this country in… pic.twitter.com/ov8Q26p6hL
— ANI (@ANI) July 22, 2026
राहुल, प्रियंका और अखिलेश रहे प्रदर्शन की अगुवाई में
संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव अग्रिम पंक्ति में नजर आए। कई विपक्षी सांसद एक साथ संसद पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
प्रियंका गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विपक्ष किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करता, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक और जनप्रतिनिधि का अधिकार है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को सुना जाना चाहिए और उनके मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
छात्रों के मुद्दे पर सरकार से जवाब की मांग
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि हाल के छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। उनका कहना है कि इस पूरे मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए, ताकि छात्रों की चिंताओं का समाधान निकाला जा सके।
कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि सरकार टकराव के बजाय संवाद का रास्ता अपनाए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए।
वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने भी छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक विरोध का सम्मान किया जाना चाहिए।
पहले भी निकाला गया था मार्च
इससे पहले विपक्षी दलों ने राजाजी मार्ग से लोक कल्याण मार्ग तक मार्च निकालकर परीक्षा पेपर लीक, छात्रों के खिलाफ कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से जवाबदेही की मांग उठाई थी। उस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
इस घटनाक्रम के बाद संसद में काले कपड़ों के साथ विरोध प्रदर्शन को विपक्ष की रणनीति का दूसरा चरण माना जा रहा है।
संसद के भीतर और बाहर बढ़ा सियासी तापमान
संसद सत्र के बीच विपक्ष के इस विरोध प्रदर्शन से राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। विपक्ष लगातार शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि वह कानून और नियमों के अनुसार आवश्यक कदम उठा रही है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद के भीतर चर्चा होती है या फिर विपक्ष अपने विरोध को और तेज करता है।
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