नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देशवासियों और सांसदों को संबोधित किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद का यह सत्र सकारात्मक और प्रभावी चर्चा का मंच बनेगा। पीएम मोदी ने कहा कि सदन में हर आवाज को मौका मिलना चाहिए और हर विचार का सम्मान होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब तर्क और तथ्य मजबूत हों, तो शांत रहकर भी अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी जा सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद की चर्चाएं ठोस तर्कों और तथ्यों से समृद्ध होंगी। साथ ही, उन्होंने सभी सांसदों से सदन की कार्यवाही में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की।

‘मानसून और मानसून सत्र दोनों सक्रिय हों तो देश का कल्याण’

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने मानसून और संसद के मानसून सत्र का जिक्र करते हुए कहा कि अगर दोनों सक्रिय और लाभकारी हों, तो इससे देश का कल्याण होता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश में मानसून भी अच्छा रहेगा और संसद का मानसून सत्र भी सार्थक साबित होगा।

भारत की हालिया उपलब्धियों का किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने पिछले एक महीने में भारत की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और अंतरिक्ष क्षेत्र में देश ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पीएम मोदी ने हाल ही में एक भारतीय निजी स्टार्टअप द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र में हासिल की गई सफलता को युवाओं के साहस और नवाचार का उदाहरण बताया।

उन्होंने कहा कि देश में चल रही ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ का असर अब दिखाई दे रहा है। इसी का परिणाम है कि भारत के युवा बड़े लक्ष्य हासिल करने का साहस कर रहे हैं और सफल भी हो रहे हैं।

रिफाइनरी, सेमीकंडक्टर प्लांट और ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन का उल्लेख

पीएम मोदी ने हाल के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए राजस्थान में समर्पित की गई बड़ी ऑयल रिफाइनरी, देश के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट और ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का उल्लेख किया। उन्होंने इन उपलब्धियों का श्रेय भारत के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, इनोवेटर्स और उद्यमियों को दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के वैज्ञानिक और युवा एक लक्ष्य के साथ भारत के विकास के लिए काम कर रहे हैं। संसद के मानसून सत्र से पहले उनका यह संदेश ऐसे समय आया है, जब सरकार और विपक्ष के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तीखी बहस की संभावना है। ऐसे में पीएम मोदी ने सदन में स्वस्थ चर्चा, तर्क और तथ्यों के साथ अपनी बात रखने तथा हर विचार का सम्मान करने पर जोर दिया।