लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस मामले की चल रही कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। साथ ही CBI और ED को भी हाईकोर्ट या किसी अन्य प्राधिकरण के समक्ष जांच रिपोर्ट दाखिल करने से रोक दिया गया है।
यह मामला राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें उनकी घोषित आय की तुलना में अधिक संपत्ति होने का दावा किया गया था। राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें CBI और ED को शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने को कहा गया था।
SC ने प्राकृतिक न्याय का उठाया सवाल
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट ने प्रथम दृष्टया टिप्पणी करते हुए कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की कार्यवाही में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं हुआ। इसी आधार पर शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट में होने वाली आगे की सुनवाई पर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की उस याचिका पर भी नोटिस जारी किया है, जिसमें मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की मांग की गई है।
STORY | SC asks Allahabad HC not to proceed with DA case against Rahul GandhiIn a relief to Rahul Gandhi, the Supreme Court on Monday asked the Allahabad High Court not to proceed with a disproportionate assets case against the Congress leader.The top court also asked the CBI… pic.twitter.com/U5NdXKgJAf
— Press Trust of India (@PTI_News) August 17, 2026
किसकी शिकायत पर शुरू हुआ मामला?
राहुल गांधी के खिलाफ यह शिकायत कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर ने दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी की संपत्ति उनकी आय के मुकाबले अधिक है।
मई में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जरूरत बताई थी। कोर्ट ने कहा था कि अगर शिकायत प्राप्त हुई है तो उसमें लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जानी चाहिए। इसके लिए CBI और ED को कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने की स्वतंत्रता दी गई थी। हाईकोर्ट ने दोनों एजेंसियों से जांच में हुई प्रगति की जानकारी अदालत के सामने रखने को भी कहा था।
CBI की रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने जताई थी नाराजगी
20 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CBI की ओर से दाखिल हलफनामे पर असंतोष जताया था। कोर्ट का कहना था कि हलफनामा उसके पहले दिए गए निर्देशों के अनुरूप नहीं था। दूसरी ओर, हाईकोर्ट ने ED की ओर से उठाए गए कदमों को स्वीकार किया था। अदालत ने यह भी कहा था कि जांच के दौरान अगर एजेंसी को कोई महत्वपूर्ण सूचना मिलती है तो वह कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई कर सकती है। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
The Supreme Court on Monday directed the deferral of proceedings in the Allahabad High Court in a petition seeking CBI and ED investigations against Leader of the Opposition Rahul Gandhi on a complaint alleging that he possessed assets disproportionate to his income.Read more:… pic.twitter.com/zauVdWCc8c
— Live Law (@LiveLawIndia) August 17, 2026
अब आगे क्या होगा?
राहुल गांधी की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने के साथ-साथ मामले को दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर करने की अलग याचिका भी दाखिल की गई है। दोनों याचिकाएं 7 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थीं। वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को निर्धारित थी। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उस कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक रहेगी।
शीर्ष अदालत ने फिलहाल मामले के आरोपों की सत्यता पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। मौजूदा आदेश मुख्य रूप से हाईकोर्ट की कार्यवाही और जांच रिपोर्ट दाखिल करने पर रोक से संबंधित है। आगे की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट मामले से जुड़े कानूनी और प्रक्रियात्मक पहलुओं पर विचार करेगा।
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