भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से फैंस का दिल जीत लिया, लेकिन शानदार शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाने का मलाल उनके चेहरे पर साफ दिखाई दिया। ट्राई नेशन A सीरीज 2026 में अफगानिस्तान A के खिलाफ मुकाबले में युवा बल्लेबाज ने ताबड़तोड़ अंदाज में रन बटोरे, मगर एक लापरवाह शॉट उनकी पारी का अंत बन गया।

श्रीलंका के दांबुला स्थित रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत A की टीम ने तेज शुरुआत की। कप्तान इमरान मीर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन शुरुआती ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों ने अफगान गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।

शुरुआत से ही आक्रामक दिखे वैभव

भारत A की ओर से वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने पारी की शुरुआत की। वैभव ने मैदान पर आते ही अपने इरादे साफ कर दिए। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक शॉट्स खेले और गेंदबाजों को किसी भी तरह की लय हासिल नहीं करने दी।

महज 22 गेंदों में 44 रन बनाकर वैभव ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उनकी इस तेजतर्रार पारी में 9 शानदार चौके शामिल रहे। मैदान के चारों ओर खेले गए उनके शॉट्स ने एक बार फिर उनकी प्रतिभा की झलक दिखाई।

अर्धशतक से पहले हुई बड़ी गलती

वैभव बेहद शानदार लय में नजर आ रहे थे और ऐसा लग रहा था कि वह आसानी से अपना अर्धशतक पूरा कर लेंगे। लेकिन सातवें ओवर में एक गलत फैसला उनकी पारी पर भारी पड़ गया।

अब्दुल्ला अहमदजई की शॉर्ट गेंद पर उन्होंने एक आकर्षक रैंप शॉट खेलने की कोशिश की। हालांकि गेंद अपेक्षा से अधिक शरीर के करीब थी और वह उसे सही तरीके से नियंत्रित नहीं कर सके। नतीजा यह हुआ कि गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेटकीपर मोहम्मद इशाक के दस्तानों में चली गई।

इस तरह शानदार शुरुआत के बावजूद उनकी पारी 44 रन पर समाप्त हो गई।

आउट होने के बाद दिखी निराशा

विकेट गंवाने के बाद वैभव के चेहरे पर निराशा साफ झलक रही थी। वह कुछ क्षण क्रीज पर खड़े रहे और फिर सिर झटकते हुए पवेलियन लौट गए। उनकी प्रतिक्रिया से साफ था कि उन्हें अपनी गलती का एहसास था और वह इस शुरुआत को बड़ी पारी में बदलना चाहते थे।

प्रतिभा के साथ सीखने का भी मौका

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी में बड़ी पारियां खेलने की क्षमता है। कम उम्र में जिस तरह की बल्लेबाजी वह कर रहे हैं, वह भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने के लिए अच्छी शुरुआत को लंबे स्कोर में बदलना भी उतना ही जरूरी है।

44 रन की यह पारी भले ही अर्धशतक में नहीं बदल सकी, लेकिन इसने एक बार फिर साबित कर दिया कि वैभव भारतीय क्रिकेट के सबसे रोमांचक युवा बल्लेबाजों में से एक हैं। अब फैंस को उनकी अगली बड़ी पारी का इंतजार रहेगा।