Pregnancy Government Schemes: गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को नियमित जांच, बेहतर पोषण और सुरक्षित प्रसव जैसी सुविधाओं की जरूरत होती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इन सभी जरूरतों का खर्च उठाना कई बार मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सरकार की ओर से गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

इन योजनाओं के जरिए पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता, सरकारी अस्पतालों में मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं, दवाइयां, जांच, प्रसव के दौरान जरूरी सुविधाएं और परिवहन जैसी मदद मिल सकती है। हालांकि, हर योजना के नियम और पात्रता अलग-अलग हैं। इसलिए आवेदन या लाभ लेने से पहले संबंधित योजना की आधिकारिक जानकारी जरूर देखनी चाहिए।

आइए जानते हैं गर्भवती महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण पांच सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में।

1. जननी सुरक्षा योजना

जननी सुरक्षा योजना (JSY) का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को संस्थागत यानी अस्पताल में प्रसव के लिए प्रोत्साहित करना है। खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए सुरक्षित डिलीवरी को बढ़ावा देने में इस योजना की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इस योजना के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। सहायता की राशि और पात्रता से जुड़े नियम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों तथा संबंधित श्रेणियों के आधार पर अलग हो सकते हैं।

योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाएं घर पर असुरक्षित प्रसव के बजाय स्वास्थ्य संस्थान में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में डिलीवरी कराएं। जननी सुरक्षा योजना से जुड़ी आधिकारिक जानकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के पोर्टल पर देखी जा सकती है।

2. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के दौरान महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) चलाई जाती है।

इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को निर्धारित शर्तें पूरी करने पर आर्थिक सहायता दी जाती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहले जीवित बच्चे के लिए महिला को 5,000 रुपये की सहायता किस्तों में मिलती है। वहीं दूसरे बच्चे के रूप में बेटी के जन्म पर 6,000 रुपये की सहायता का प्रावधान बताया गया है।

इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान महिला को बेहतर पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में सहयोग देना है। योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मौजूदा नियमों की जानकारी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आधिकारिक PMMVY पोर्टल से प्राप्त की जा सकती है।

3. जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम

जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK) सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओं और बीमार नवजात बच्चों को जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।

इसके तहत पात्र सरकारी अस्पतालों में प्रसव से जुड़ी कई सेवाएं बिना शुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इनमें नॉर्मल डिलीवरी, सी-सेक्शन, दवाइयां, जरूरी जांच और ब्लड ट्रांसफ्यूजन जैसी सेवाएं शामिल हैं।

इसके अलावा अस्पताल तक पहुंचने और जरूरत पड़ने पर वापस जाने के लिए परिवहन सुविधा भी कार्यक्रम का हिस्सा है। इसका उद्देश्य यह है कि पैसों की कमी के कारण कोई गर्भवती महिला जरूरी चिकित्सा सुविधा से वंचित न रहे।

4. आयुष्मान भारत PM-JAY

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) पात्र परिवारों को अस्पताल में भर्ती होकर इलाज के लिए स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराने वाली प्रमुख सरकारी योजना है।

इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित सीमा तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। गर्भावस्था के दौरान यदि किसी महिला को ऐसी स्वास्थ्य समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ती है, जो योजना के अंतर्गत कवर होती है, तो पात्रता के अनुसार उपचार का लाभ लिया जा सकता है।

हालांकि, गर्भावस्था से जुड़ी हर सेवा को स्वतः PM-JAY के तहत कवर मानना सही नहीं होगा। कौन-सी बीमारी, प्रक्रिया या अस्पताल योजना में शामिल है, इसकी जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर जांचना जरूरी है।

5. लक्ष्य कार्यक्रम

सरकार ने प्रसव के दौरान महिलाओं को बेहतर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लक्ष्य (LaQshya) कार्यक्रम शुरू किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की इस पहल की शुरुआत मार्च 2018 में हुई थी।

इस कार्यक्रम का फोकस लेबर रूम और मैटरनिटी ऑपरेशन थिएटर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर है। इसके जरिए प्रसव के दौरान और डिलीवरी के तुरंत बाद होने वाली जटिलताओं को कम करने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाता है।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक प्रसूति देखभाल मिल सके।

योजनाओं का लाभ लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा देना है। लेकिन सभी योजनाओं के लिए पात्रता, दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और लाभ की शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं।

इसलिए किसी भी योजना का लाभ लेने से पहले उसके आधिकारिक पोर्टल या नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से जानकारी लेना बेहतर है। खासकर आर्थिक सहायता वाली योजनाओं में यह देखना जरूरी है कि महिला संबंधित योजना की पात्रता पूरी करती है या नहीं।

कुल मिलाकर, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, आयुष्मान भारत PM-JAY और लक्ष्य कार्यक्रम गर्भावस्था से लेकर सुरक्षित प्रसव और मातृ-शिशु देखभाल तक अलग-अलग स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण सरकारी पहल हैं।