अयोध्या, उत्तर प्रदेश: राम मंदिर दान गबन के कथित मामले की जांच के तहत पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान दर्ज किया है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिनमें अनिल मिश्रा भी शामिल हैं, के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं।
रविवार को इस मामले की जांच और तेज हो गई, जब पुलिस की एक टीम अयोध्या में मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला के घर पहुंची। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोपी के भाई अभिषेक शुक्ला ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति मंदिर के चंदे में गड़बड़ी का दोषी पाया जाता है, तो परिवार उसका समर्थन नहीं करेगा।
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— ANI Digital (@ani_digital) June 29, 2026
चांदी की ईंटें और आभूषण, पूरी तरह सुरक्षित हैं- ट्रस्ट
इससे पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा था कि पिछले कुछ दिनों में राम मंदिर को लेकर सामने आई घटनाओं से ट्रस्ट स्तब्ध, आहत और बेहद दुखी है। ट्रस्ट ने कहा कि वह निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। ट्रस्ट ने यह भी जानकारी दी कि उसे पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे प्राप्त हो गए हैं। इन इस्तीफों पर ट्रस्ट की आगामी बैठक में विचार किया जाएगा।
श्रद्धालुओं को आश्वस्त करते हुए ट्रस्ट ने कहा कि भगवान श्रीराम को अर्पित करने के लिए भक्तों द्वारा व्यक्तिगत रूप से सौंपे गए सभी कीमती सामान, जैसे चांदी की ईंटें और आभूषण, पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका विधिवत लेखा-जोखा मौजूद है। ट्रस्ट ने अपने बयान में विश्वास जताया कि सत्य अंततः सामने आएगा। बयान में कहा गया, "अंधकार अंततः समाप्त होगा और सत्य का प्रकाश अवश्य फैलेगा। भगवान श्रीराम की महिमा का प्रवाह सदैव अविरल बना रहेगा।"
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