लखनऊ, उत्तर प्रदेश: स्वतंत्रता दिवस से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में शहीद क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान काकोरी कांड से जुड़े शहीदों और आधिकारिक अभिलेखों पर आधारित ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ पुस्तिका तथा बच्चों की पेंटिंग पर आधारित ‘वंदे मातरम्’ पुस्तिका का विमोचन किया गया।

समारोह में देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीर जवानों और महान क्रांतिकारियों के परिवारों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन भारत के शौर्य, स्वाभिमान और देशभक्ति का महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने इस ऐतिहासिक घटना से जुड़े सभी क्रांतिकारियों को नमन करते हुए कहा कि इन वीरों का एक ही उद्देश्य था—मां भारती को स्वतंत्र कराना।

'देश के नायकों को युवा पीढ़ी से दूर रखना अन्याय है'

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि क्रांतिकारियों और देश के नायकों के इतिहास से युवा पीढ़ी को दूर रखना उनके साथ सबसे बड़ा अन्याय है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के इन महान सेनानियों के योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है।

‘हर घर में फहरे तिरंगा, हर संस्थान में गूंजे वंदे मातरम्’

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों से हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को देश के गौरव, सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक तिरंगा हर घर पर फहरना चाहिए और प्रत्येक संस्थान में ‘वंदे मातरम्’ का गायन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए क्रांतिकारियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ऐसे में आज की पीढ़ी का दायित्व है कि वह उनके बलिदान और संघर्ष को याद रखे।

‘काकोरी डकैती कांड’ नाम देने पर उठाए सवाल

योगी आदित्यनाथ ने काकोरी ट्रेन एक्शन को अंग्रेजों द्वारा ‘डकैती’ कहे जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि दुर्भाग्य से आजाद भारत में भी इस घटना को ‘काकोरी डकैती कांड’ के नाम से संबोधित कर क्रांतिकारियों का अपमान किया गया। उन्होंने कहा कि काकोरी से जुड़े कई क्रांतिकारियों को उम्रकैद और अन्य सजाएं दी गईं, जबकि कुछ प्रमुख क्रांतिकारियों को दिसंबर 1927 में फांसी दी गई थी।

सोशल मीडिया पर अफवाहों को लेकर चेताया

मुख्यमंत्री ने मौजूदा समय में सोशल मीडिया के जरिए देश के खिलाफ कथित दुष्प्रचार को लेकर भी लोगों को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि भारत विरोधी ताकतें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर अफवाहें फैलाने और समाज को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे दुष्प्रचार से सावधान रहने और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही किसी सूचना पर विश्वास करने का आह्वान किया।

युवाओं के साथ ‘तिरंगा यात्रा’ का शुभारंभ

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत लखनऊ में ‘तिरंगा यात्रा विद यूथ’ का भी शुभारंभ किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने इसे स्वतंत्रता संग्राम के सभी शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘राष्ट्र प्रथम’ के मंत्र को आगे बढ़ाने का संकल्प बताया। उन्होंने तिरंगा यात्रा में शामिल होने वाले युवाओं को शुभकामनाएं दीं।

क्या था काकोरी ट्रेन एक्शन?

9 अगस्त 1925 को हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) से जुड़े क्रांतिकारियों ने लखनऊ के पास काकोरी में शाहजहांपुर-लखनऊ ट्रेन को रोककर ब्रिटिश सरकार का खजाना लूट लिया था। इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष के लिए धन जुटाना था।

इस कार्रवाई में राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान समेत कई क्रांतिकारी शामिल थे। कार्रवाई के बाद ब्रिटिश प्रशासन ने बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां कीं। मुकदमे के बाद राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी और रोशन सिंह को दिसंबर 1927 में फांसी दी गई। काकोरी ट्रेन एक्शन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारी गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है।