वाराणसी, उत्तर प्रदेश: ‘सेवा संकल्प अभियान’ के पहले दिन 17 सितंबर को वाराणसी जिले में बड़े स्तर पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों की तैयारियों को लेकर शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनपी सिंह के निर्देश पर बैठक हुई। इसमें रक्तदान शिविरों में चिकित्सा व्यवस्था, स्वच्छता और रक्तदाताओं की सुविधाओं को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर रक्तदान शिविरों से होगी।
यूपी बीजेपी ऑफिस में ‘सेवा संकल्प अभियान’ पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “यह खास प्रेस कॉन्फ्रेंस उन अलग-अलग कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देने के लिए बुलाई गई है जो 17 सितंबर (सेवा दिवस और प्रधानमंत्री का जन्मदिन) से लेकर 17 अक्टूबर तक, यानी एक महीने तक चलेंगे। 7 अक्टूबर 2026 को हमारे सफल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के गुजरात में मुख्यमंत्री के तौर पर काम शुरू करने के 25 साल पूरे हो रहे हैं... इस सफल 25 साल के सफर का सम्मान करने के लिए, राज्य सरकार और संगठन ने मिलकर एक एक्शन प्लान तैयार किया है।”
VIDEO | Lucknow: Addressing a press conference on ‘Sewa Sankalp Abhiyan’ at state BJP office, UP CM Yogi Adityanath (@myogiadityanath) says, “This special press conference has been organised regarding the various programmes that will be held over a period of one month, from… pic.twitter.com/PTbsKzn5hn
— Press Trust of India (@PTI_News) September 12, 2026
'पूरे राज्य में स्वास्थ्य शिविर लगाएंगे, जहां लोग अलग-अलग तरह की जांच करवा सकेंगे'
राज्य सरकार के 'सेवा संकल्प' अभियान पर यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, "हमने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, प्रिंसिपलों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, संस्थानों के निदेशकों और वाइस-चांसलरों के साथ एक बड़ी बैठक की है। हम 'सेवा संकल्प' अभियान को ज़मीनी स्तर तक ले जाएंगे और लोगों को केंद्र और राज्य के स्वास्थ्य विभागों की उपलब्धियों के बारे में जागरूक करेंगे। हम पूरे राज्य में स्वास्थ्य शिविर भी लगाएंगे, जहां लोग अलग-अलग तरह की जांच करवा सकेंगे और चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। जिन लोगों को टर्शियरी केयर या बड़ी सर्जरी की ज़रूरत होगी, उन्हें आगे के इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाएगा। रक्तदान शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।"
VIDEO | Lucknow: On the state government's Seva Sankalp campaign, UP Deputy Chief Minister Brajesh Pathak says, "We have held a major meeting with all the chief medical officers, principals, senior government officials, directors of institutes and vice-chancellors. We will take… pic.twitter.com/qV0YZuOzte
— Press Trust of India (@PTI_News) September 11, 2026
स्वच्छता और व्यवस्थाओं पर विशेष जोर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं को निर्देश दिया कि शिविर में रक्तदान करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की निर्धारित मानकों के अनुसार स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से की जाए। इसमें वजन और रक्तचाप की जांच के साथ आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण शामिल होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पात्र और स्वस्थ व्यक्ति ही रक्तदान करें। रक्तदान के दौरान निर्धारित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि रक्तदाताओं की सुरक्षा बनी रहे।
सीएमओ ने सभी रक्तदान शिविरों में साफ-सफाई और स्वच्छता की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिविरों में तैनात सभी कर्मचारियों को निर्धारित वर्दी में उपस्थित रहने के लिए भी कहा गया है। रक्तदान के बाद प्रत्येक रक्तदाता को तत्काल जलपान उपलब्ध कराने और रक्तदान प्रमाण पत्र देने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया कि शिविरों में रक्तदाताओं के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था पहले से पूरी कर ली जाए।
स्वस्थ नागरिकों से रक्तदान की अपील
डॉ. एनपी सिंह ने वाराणसी के नागरिकों से अपील की कि सभी स्वस्थ नागरिक स्वेच्छा से रक्तदान कर इस जनसेवा अभियान में भाग लें। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाने में दान किया गया रक्त महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने लोगों से मानव सेवा और जनसेवा की भावना को मजबूत करने के लिए रक्तदान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
28 संस्थानों के प्रतिनिधियों ने की तैयारियों पर चर्चा
बैठक में कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजय राय, चिकित्सा अधिकारी एवं सह-नोडल अधिकारी अतुल सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी नवीन सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर जुबान अली समेत विभिन्न सरकारी और निजी ब्लड बैंकों तथा चिकित्सा संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में कुल 28 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें एसएसपीजी मंडलीय जिला अस्पताल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल, आईएमए, आईएमएस बीएचयू, हेरिटेज मेडिकल कॉलेज, हेरिटेज हॉस्पिटल ब्लड बैंक, एपेक्स हॉस्पिटल, स्वामी हरशंकरानंद ब्लड बैंक, अमृताशा ब्लड बैंक, गंगा सेवा सदन कंपोनेंट ब्लड बैंक, कालिंदी ब्लड बैंक और पॉपुलर हॉस्पिटल ब्लड बैंक सहित अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल रहे। बैठक में रक्तदान शिविरों के सफल आयोजन, रक्तदाताओं के लिए सुविधाओं, आवश्यक चिकित्सा इंतजाम और विभिन्न संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
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