कोलकाता, पश्चिम बंगाल: भाजपा नेता प्रियंका टिबरेवाल ने गुरुवार को कोलकाता के एंटली इलाके में निष्कासित TMC नेता संदीपन साहा के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने संदीपन साहा और उनके पिता स्वर्ण कमल साहा पर जमीन कब्जाने और वसूली करने के आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने दो खच्चरों पर संदीपन साहा और स्वर्ण कमल साहा की तस्वीरें लगाकर विरोध जताया। प्रियंका टिबरेवाल ने कहा कि यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन आम लोगों के कथित शोषण को उजागर करने के लिए किया गया।

उन्होंने कहा, "जनता यह दिखाना चाहती है कि तृणमूल कांग्रेस में दो ऐसे लोग थे जिन्होंने जनता का पैसा लूटा। अब उन्हें जवाब देना चाहिए कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।" भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पिता-पुत्र की जोड़ी ने आम लोगों की जमीन पर कब्जा किया और उनसे वसूली की। हालांकि, इन आरोपों पर संदीपन साहा या तृणमूल कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

भ्रष्ट लोगों के जगह देने पर ऐसी स्थिति बनती है- प्रियंका टिबरेवाल

TMC में जारी राजनीतिक संकट पर टिप्पणी करते हुए प्रियंका टिबरेवाल ने कहा कि पार्टी के भीतर मौजूदा हालात पहले से तय थे। उन्होंने कहा कि जब किसी दल में कथित रूप से भ्रष्ट लोगों को जगह दी जाती है, तो ऐसी स्थिति पैदा होना स्वाभाविक है। यह बयान ऐसे समय आया है जब टीएमसी के बागी गुट ने दावा किया है कि उसे 58 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इस गुट ने विधानसभा अध्यक्ष रथींद्रनाथ बोस से ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष और संदीपन साहा को मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) नियुक्त करने की मांग की है।

TMC सांसद ने प्रियंका टिबरेवाल और ED पर साधा निशाना

इस बीच, TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा भेजे गए समन पर भी प्रियंका टिबरेवाल ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गलत काम किए हैं, उन्हें जनता और जांच एजेंसियों के सामने जवाब देना होगा। उन्होंने पूर्व TMC विधायक शौकत मोल्ला के ठिकानों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की छापेमारी का भी जिक्र किया और कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई हो रही है।

उधर, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने हाल ही में पश्चिम बंगाल में अपनी सभी समितियों और फ्रंटल संगठनों को भंग कर दिया है। पार्टी ने कहा है कि वह संगठनात्मक समीक्षा और पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर रही है।