नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच 8 जून को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इस समझौते के जरिए राज्य में सभी केंद्र प्रायोजित स्वास्थ्य योजनाओं को लागू करने का मार्ग प्रशस्त होगा। सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते के बाद पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार की कई प्रमुख स्वास्थ्य योजनाएं लागू की जा सकेंगी, जिनमें आयुष्मान भारत योजना भी शामिल है।
बताया जा रहा है कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और जनकल्याणकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों का दायरा बढ़ाने को लेकर लगातार चर्चा चल रही है। इसी क्रम में यह पहल सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री 6 जून को पश्चिम बंगाल का दौरा भी कर सकते हैं। इस दौरान राज्य में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
MoU to be signed between the West Bengal Government and the National Health Authority on the implementation of Ayushman Bharat PM JAY scheme, extending the Health assurance coverage to all the people of West Bengal: Sources
— ANI (@ANI) June 2, 2026
MoU पर हस्ताक्षर होते ही लोगों को मिलेगी स्वास्थ्य सुविधाएं
यदि 8 जून को एमओयू पर हस्ताक्षर होते हैं, तो यह पश्चिम बंगाल को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के साथ जोड़ने और राज्य के करोड़ों लाभार्थियों तक केंद्रीय स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। इस बीच, एक अलग कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को राज्य संचालित एसएसकेएम अस्पताल में 100 बिस्तरों वाले नए वार्ड का वर्चुअल उद्घाटन किया।
1.36 करोड़ परिवारों को 'आयुष्मान भारत योजना' के दायरे में लाने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने राज्य में टीकाकरण अभियान के विस्तार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के क्रियान्वयन और 1.36 करोड़ परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को लागू करेगी और आयुष्मान भारत के माध्यम से स्वास्थ्य कवरेज का व्यापक विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही डॉक्टरों, नर्सों तथा तकनीकी एवं गैर-तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि एसएसकेएम अस्पताल में शुरू किया गया नया 100 बिस्तरों वाला वार्ड मरीजों के बढ़ते दबाव और रेफरल संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करेगा। इसके अलावा राज्य सरकार उत्तर बंगाल में एम्स जैसी एक अत्याधुनिक स्वास्थ्य संस्था स्थापित करने के लिए भूमि की पहचान करने पर भी काम कर रही है।
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