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पश्चिम बंगाल का नाम बदलने पर घमासान, अनिर्बान गांगुली बोले- 'TMC इतिहास मिटाने में जुटी'

By: GTC News Desk  |  Edited By: Preeti Kamal  |  Updated at: March 02nd 2026 03:55 PM

पश्चिम बंगाल का नाम बदलने पर घमासान, अनिर्बान गांगुली बोले- 'TMC इतिहास मिटाने में जुटी'
पश्चिम बंगाल का नाम बदलने पर घमासान, अनिर्बान गांगुली बोले- 'TMC इतिहास मिटाने में जुटी'

नई दिल्ली, भारत: बीजेपी नेता अनिर्बान गांगुली ने सोमवार को पश्चिम बंगाल का नाम बदलने के मुद्दे का विरोध करते हुए कहा कि ‘बांग्ला’ नाम का कोई राज्य नहीं था और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पश्चिम बंगाल का नामकरण कर उसके पीछे के इतिहास को मिटाना चाहती है। मीडिया से हुई बातचीत में गांगुली ने कहा कि 'बांग्ला' नाम का कोई राज्य नहीं था। अंग्रेज इस प्रांत को ‘बोंगो’ कहते थे। अगर आप पश्चिम बंगाल के पुराने लेखकों और इतिहासकारों की रचनाएं देखें, तो वे इसे ‘बांग्ला देश’ कहते थे। अब ‘बांग्लादेश’ नाम का एक अलग देश है, इसलिए इस तरह नाम बदलना उचित नहीं है। ‘बांग्ला’ एक भाषा है, इसलिए किसी राज्य का नाम भाषा के आधार पर रखना सही नहीं है।

गांगुली ने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल नाम के पीछे एक समृद्ध इतिहास है और TMC उस इतिहास को मिटाना चाहती है। यह बयान तब आया है जब हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल ने भी अपना नाम ‘बांग्ला’ करने का प्रस्ताव भेजा है। दरअसल, मुख्यमंत्री ने केरल का नाम ‘केरलम’ किए जाने पर बधाई देते हुए केंद्र को याद दिलाया था कि उन्होंने भी पश्चिम बंगाल का नाम बांग्ला किए जाने का प्रस्ताव भेजा हुआ है।

केरल का नाम बदला जा सकता है, तो पश्चिम बंगाल का क्यों नहीं?

TMC के एक एक्स (X) पोस्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को “बांग्ला विरोधी” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री मंत्री अमित शाह को राज्य की विरासत और भाषा का सम्मान नहीं है। इससे पहले, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी केरल का नाम ‘केरलम’ किए जाने के केंद्रीय कैबिनेट के फैसले का हवाला देते हुए सवाल उठाया था कि यदि केरल का नाम बदला जा सकता है, तो पश्चिम बंगाल का क्यों नहीं?

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “यदि (ममता बनर्जी) ने यह मांग की है, तो केंद्र सरकार को इसे स्वीकार करना चाहिए। अगर केरल का नाम बदला जा सकता है, तो पश्चिम बंगाल का नाम क्यों नहीं?” उन्होंने आगे कहा, “अगर कल जम्मू-कश्मीर विधानसभा राज्य का नाम बदलने का प्रस्ताव पारित करती है, तो केंद्र को उस पर भी ध्यान देना चाहिए।”

यह मुद्दा विवादास्पद बना हुआ है। कुछ लोगों का मानना है कि ‘वेस्ट बंगाल’ नाम औपनिवेशिक दौर की विरासत है और यह राज्य की सांस्कृतिक पहचान को पूरी तरह नहीं दर्शाता, जबकि अन्य लोग इसे बांग्लादेश के साथ संभावित भ्रम और मौजूदा नाम के ऐतिहासिक महत्व से जोड़कर देखते हैं।