नई दिल्ली: एशिया के दो प्रमुख लोकतांत्रिक देशों भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने इंडोनेशियाई समकक्ष सुजियोनो के साथ भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग (जेसीएम) की आठवीं बैठक की सह-अध्यक्षता की।

इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप) की प्रगति की समीक्षा की गई, जिसने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय गति हासिल की है।

एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी 

एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, "विदेश मंत्री सुजियोनो के साथ भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग की आठवीं बैठक की सह-अध्यक्षता कर खुशी हुई। हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने हाल के वर्षों में मजबूत प्रगति की है। हमने राजनीतिक, रक्षा एवं सुरक्षा, समुद्री सहयोग, व्यापार, फिनटेक, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, उर्वरक, महत्वपूर्ण खनिज, पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग पर सार्थक चर्चा की।"

दोनों मंत्रियों ने बदलते क्षेत्रीय परिदृश्य पर अपने विचार साझा किए

द्विपक्षीय सहयोग के अलावा बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों मंत्रियों ने बदलते क्षेत्रीय परिदृश्य पर अपने विचार साझा किए और बहुपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

वार्ता का एक प्रमुख केंद्र भारत-आसियान संबंधों को और गहरा करना रहा। भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के तहत आसियान में इंडोनेशिया की महत्वपूर्ण भूमिका को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, समृद्धि और नियम-आधारित व्यवस्था के लिए बेहद अहम माना गया।

बैठक में कई क्षेत्रों के विषय में विस्तार से हुई चर्चा

बैठक के दौरान राजनीतिक, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, समुद्री एवं शिपिंग क्षेत्र, व्यापार, फिनटेक, उर्वरक, दवा उद्योग और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर व्यापक चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को भी बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और मजबूत हो सके।

विदेश मंत्री सुजियोनो ने बुनियादी ढांचे की बेहतरी पर की चर्चा

वहीं इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुजियोनो ने कहा कि नई दिल्ली में हुई बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित जकार्ता यात्रा का स्वागत करते हुए कहा कि यह दौरा दोनों देशों के सहयोग को और गहरा करने तथा जनता को ठोस लाभ पहुंचाने का अवसर प्रदान करेगा।

यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने में सहायक साबित होगा- विशेषज्ञ 

एस. जयशंकर ने यह भी कहा कि वर्ष 2025 में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा देने वाला साबित हुआ।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और इंडोनेशिया दोनों आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी (2026-2030) सहित कई क्षेत्रीय पहलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह दौरा बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।