न्यूयॉर्क, अमरीका: भारत ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ईकोसॉक) में वैश्विक विकास प्रयासों के दौरान संयुक्त राष्ट्र के विकास स्तंभ की प्राथमिकता बनाए रखने और राष्ट्रीय स्वामित्व को केंद्र में रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने ईकोसॉक के विकास संबंधी परिचालन गतिविधियों के सत्र के दौरान संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव एवं संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समूह की अध्यक्ष अमीना जे. मोहम्मद के साथ संवाद में भाग लिया। उन्होंने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र के विकास स्तंभ की प्रमुख भूमिका को बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया और दोहराया कि सभी विकास प्रयासों के केंद्र में राष्ट्रीय स्वामित्व होना चाहिए।
किसी भी तरह का सुधार देशों के विकास को मज़बूत करने वाला हो
भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र की रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर प्रणाली में किसी भी प्रकार का सुधार सदस्य देशों की विकास प्राथमिकताओं को मजबूत करने वाला होना चाहिए। भारत का मानना है कि इस प्रणाली में किसी भी पुनर्संतुलन का उद्देश्य देशों को विकास कार्यक्रमों में बेहतर सहयोग प्रदान करना होना चाहिए।
Participated in the dialogue with the Dy SG @AminaJMohammed who is also the Chair of 🇺🇳 Sustainable Development Group in the ECOSOC Operational Activities for Development Segment.Underscored the importance of preserving the primacy of the UN development pillar and reiterated… pic.twitter.com/0o4GqMgYxe
— Parvathaneni Harish (@AmbHarishP) June 2, 2026
लगभग 4,000 शांति सैनिकों को दी गई श्रद्धांजलि, इनमें 184 भारतीय रहे
रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर प्रणाली की फंडिंग और प्रशासनिक व्यवस्था पर चर्चा करते हुए भारत ने पारदर्शिता, जवाबदेही और इसके विकासात्मक प्रभावों के व्यापक आकलन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इससे पहले 30 मई को भारत और ऑस्ट्रिया के स्थायी मिशनों ने संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र के झंडे तले सर्वोच्च बलिदान देने वाले लगभग 4,000 शांति सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई, जिनमें 184 भारतीय भी शामिल थे।
शांति स्थापना अभियानों के दौरान 45 वर्दीधारी सैनिकों ने दी प्राणों की आहुति
पिछले एक वर्ष में शांति स्थापना अभियानों के दौरान 45 वर्दीधारी शांति सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी। भारत ने उनके साहस, समर्पण और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा में योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के अनुसार, भारत 1948 से संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों का महत्वपूर्ण साझेदार रहा है। अब तक भारत लगभग 3 लाख सैनिकों को 50 से अधिक संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में तैनात कर चुका है। इनमें से 184 भारतीय शांति सैनिकों ने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। इस अवसर पर भारत स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने मेजर अभिलाषा बराक को भी सम्मानित किया। वह वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल लेबनान में सेवाएं दे रही हैं और उन्हें वर्ष 2025 के "मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर" पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
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