नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 'Strait of Hormuz' की सुरक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक बल बनाने की अपील के बीच, भारत के पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पंकज सरन ने कहा है कि भारत के ऐसे किसी गठबंधन में शामिल होने की संभावना नहीं है।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “ट्रंप ने कहा है कि भारत, चीन और जापान जैसे देश ऊर्जा आयात करते हैं और इस स्थिति के शिकार हैं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि हम भारतीय नौसेना को किसी अंतरराष्ट्रीय बल के अधीन काम करने देंगे।” Strait of Hormuz के महत्व पर बात करते हुए सरन ने कहा, “यह एक बेहद संकीर्ण समुद्री मार्ग है... ऐसे में हमारे जहाजों का इसे पार करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।”
#WATCH | Delhi: Former Deputy NSA, Pankaj Saran says, "... The Strait of Hormuz is very narrow... Our vessels crossing it is a big achievement for us..." On India's role in the US-Israel vs Iran conflict, he says, "We do not have a role, but it is affecting us seriously... This… pic.twitter.com/LKI9u7zhMH
— ANI (@ANI) March 17, 2026
Strait of Hormuz पूरी तरह बंद नहीं है- ईरान
'Strait of Hormuz' पर्शियन गल्फ और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक रणनीतिक समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया की करीब 20–25% कच्चे तेल की आपूर्ति गुजरती है। युद्ध की शुरुआत के बाद से इस संकरे मार्ग में सैकड़ों जहाज फंसे हुए थे। ईरान द्वारा इस मार्ग को आंशिक रूप से बाधित किए जाने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में तेजी आई है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि Strait of Hormuz पूरी तरह बंद नहीं है।
उन्होंने कहा, “असल में 'Strait of Hormuz' खुला है। यह केवल हमारे दुश्मनों या हम पर हमला करने वाले देशों और उनके सहयोगियों के जहाजों के लिए बंद है। बाकी सभी के लिए यह खुला है।” इस बीच, विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि 'Strait of Hormuz' में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका के साथ कोई द्विपक्षीय बातचीत नहीं हुई है। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम इस मुद्दे पर विभिन्न देशों के बीच हो रही चर्चाओं से अवगत हैं, लेकिन अभी तक इसे द्विपक्षीय स्तर पर नहीं उठाया गया है। भारत इस मुद्दे पर विभिन्न पक्षों के साथ बातचीत जारी रखेगा।”
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— PIB India (@PIB_India) March 17, 2026
अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जारी तनाव में भारत की भूमिका पर सरन ने कहा, “इस संघर्ष में हमारी कोई सीधी भूमिका नहीं है, लेकिन इसका असर हम पर गंभीर रूप से पड़ रहा है। यह युद्ध हमारे पड़ोस में हो रहा है और इससे हमारी महंगाई, अर्थव्यवस्था और निवेश प्रभावित हो रहे हैं।”
'Strait of Hormuz' को लेकर देशों की ‘उत्साह की कमी’ पर नाराज़ हुए ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Strait of Hormuz की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित नौसैनिक एस्कॉर्ट मिशन को लेकर सहयोगी देशों के “उत्साह की कमी” पर नाराज़गी जताई है। ट्रंप ने एक बार फिर देशों से इस मिशन में शामिल होने की अपील की और कहा कि कुछ सहयोगी देश इस पहल को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं हैं। उन्होंने पहले करीब सात देशों से युद्धपोत भेजने की मांग की थी, ताकि Strait of Hormuz को खुला रखा जा सके, क्योंकि ईरान के हमले खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा रहे हैं।
🚢 After #US President Donald Trump threatened "a very bad future" for #NATO if members did not cooperate with his plans to securely reopen the #StraitOfHormuz, European foreign ministers on Monday met in Brussels to set out their responses.FRANCE 24 takes a look ⤵️ pic.twitter.com/t2rmK7rXV4
— FRANCE 24 English (@France24_en) March 16, 2026
कुछ देश मदद को तैयार- ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि “कई देशों” ने उन्हें बताया है कि वे मदद के लिए “रास्ते में हैं”, लेकिन उन्होंने उनकी अनिच्छा पर नाराज़गी जताई, हालांकि किसी देश का नाम नहीं लिया। व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “कुछ देश इसके लिए बहुत उत्साहित हैं और कुछ नहीं। कुछ ऐसे देश हैं जिनकी हमने कई वर्षों तक मदद की है। हमने उन्हें बाहरी खतरों से बचाया, लेकिन वे उतने उत्साहित नहीं दिखे। और मेरे लिए उत्साह का स्तर मायने रखता है।”
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह हिचकिचाहट अमेरिका के साथ रक्षा समझौते रखने वाले देशों की ओर से पारस्परिक सहयोग की कमी को दर्शाती है। ट्रंप ने कहा, “मुझे पता है कि हम उनकी रक्षा करेंगे, लेकिन अगर कभी हमें उनकी जरूरत पड़ी, तो वे हमारे लिए मौजूद नहीं होंगे।”
"One way or the other, we will soon get the Hormuz Strait OPEN, SAFE, and FREE!" - President DONALD J. TRUMP pic.twitter.com/8XzG2aTmQT
— The White House (@WhiteHouse) March 14, 2026