चेन्नई, तमिलनाडु: वाइको ने 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अलग-अलग सर्वेक्षणों में अलग-अलग नतीजे सामने आ रहे हैं, इसलिए वास्तविक परिणामों का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) एक मजबूत ताकत बनकर उभर सकती है और चौंकाने वाले परिणाम दे सकती है।
मीडिया से बातचीत में वाइको ने कहा, "एग्जिट पोल एक जैसी दिशा में नहीं जा रहे हैं। चार एग्जिट पोल कह रहे हैं कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम सरकार बनाएगी, जबकि एक एग्जिट पोल अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम के पक्ष में है। एक अन्य सर्वे में कहा गया है कि विजय की TVK सत्ता में आ सकती है। अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। हमें इंतजार करना होगा।" TVK 2026 के चुनावों में एक महत्वपूर्ण शक्ति बन सकती है और अप्रत्याशित परिणाम दे सकती है।
#WATCH | Chennai: On Exit polls, MDMK founder Vaiko says, "Exit polls don't go the same line. Four exit polls say DMK will form the government, and one exit poll's opinion is in favour of AIADMK to form the government. Another opinion poll says Vijay's TVK will come to power...… pic.twitter.com/NgusHGM1qC
— ANI (@ANI) May 1, 2026
"द्रविड़ आंदोलन बलिदान और संघर्ष पर आधारित है"
वाइको ने कहा कि द्रविड़ आंदोलन बलिदान और संघर्ष पर आधारित है और चुनावी नतीजों से परे तमिलनाडु में स्थायी रूप से मौजूद रहेगा। उन्होंने कहा, "द्रविड़ आंदोलन हजारों लोगों के त्याग और संघर्ष से बना है... यह तमिलनाडु की धरती पर एक स्थायी शक्ति रहेगा, चाहे चुनाव परिणाम कुछ भी हों। भारतीय जनता पार्टी इसकी नींव को कमजोर नहीं कर सकती।"
#WATCH | Chennai: When asked about Kerala and West Bengal elections 2026, MDMK founder Vaiko says, "They (the BJP) are trying to penetrate. In Kerala, it will be very difficult. They cannot. But in West Bengal, the case may be a different one."He adds, "We have to fight the BJP… pic.twitter.com/ATgbUPaMfX
— ANI (@ANI) May 1, 2026
केरल में बीजेपी का आना मुश्किल- वाइको
2026 केरल और पश्चिम बंगाल चुनावों पर बोलते हुए वाइको ने कहा कि बीजेपी इन राज्यों में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन केरल में यह मुश्किल होगा। उन्होंने आगे कहा, “हमें बीजेपी और हिंदुत्व की चुनौती का मुकाबला करना है।"
इसके आगे उन्होंने कहा कि हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें युवाओं और छात्रों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करनी होगी, जो अभी उतनी प्रभावी नहीं है। द्रविड़ आंदोलन को युवा और छात्र शक्ति के बीच गहराई तक जाना होगा।