तेहरान, ईरान: ईरान ने सोमवार को पुष्टि की कि अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता पाकिस्तान की मध्यस्थता में लगातार जारी है। हालांकि, तेहरान ने साफ कर दिया कि वह अपने “परमाणु अधिकारों” पर कोई समझौता नहीं करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि “समय तेजी से निकल रहा है।”

ईरानी समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान ने पाकिस्तान के जरिए वॉशिंगटन के साथ प्रस्तावों और सुधार संबंधी बिंदुओं का आदान-प्रदान किया है। साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बघाई ने कहा, “बातचीत जारी है और यह अस्थायी नहीं है।”

ईरान ने शुरुआत ने शुरू में पेश किया था 14 सूत्रीय प्रवेश

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच यह संवाद एक तय प्रक्रिया के तहत चल रहा है, हालांकि इसमें कई उतार-चढ़ाव भी रहे हैं। ईरान ने शुरुआत में 14 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया था ताकि लंबित मुद्दों का समाधान निकाला जा सके।

हालांकि अमेरिका ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि इस योजना को खारिज कर दिया गया है, लेकिन बघाई ने दावा किया कि वॉशिंगटन ने साथ ही पाकिस्तान के माध्यम से अपनी “सुधार संबंधी टिप्पणियां और चिंताएं” भी भेजी थीं।

'ईरान की योजना अस्वीकार कर दी गई'

बघाई ने कहा, “जब हमने 14 सूत्रीय योजना पेश की और अमेरिकी पक्ष ने अपनी चिंताएं जताईं, तब हमने भी अपनी चिंताएं सामने रखीं। अमेरिका ने सार्वजनिक रूप से कहा कि ईरान की योजना अस्वीकार कर दी गई है, लेकिन पाकिस्तान के माध्यम से हमें सुधार संबंधी कई बिंदु मिले।”

ईरान ने अमेरिकी प्रतिक्रिया की समीक्षा करने के बाद अपने संशोधित जवाब भी पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को भेज दिए हैं। बघाई ने कहा, “अमेरिकी पक्ष को अपने विचार भेजने के अगले ही दिन हमें पाकिस्तान के जरिए नए प्रस्ताव मिले। पिछले कुछ दिनों में उनकी समीक्षा की गई और कल हमने अपने जवाब फिर से अमेरिकी पक्ष को भेज दिए। यह प्रक्रिया पाकिस्तान की मध्यस्थता से जारी है।”

ईरान का अधिकार NPT के तहत सुरक्षित है

हालांकि बातचीत जारी है, लेकिन ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख अपनाया है। बघाई ने दोहराया कि यूरेनियम संवर्धन का ईरान का अधिकार परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत सुरक्षित है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा।

उन्होंने कहा, “हम पूरी निश्चितता के साथ कह सकते हैं कि अधिकारों के मुद्दे पर हम कोई बातचीत या समझौता नहीं करेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “यूरेनियम संवर्धन का ईरान का अधिकार NPT के तहत मान्य है। इसके लिए किसी दूसरे देश की मान्यता की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह अधिकार पहले से मौजूद है।”

ईरान न तो धमकियों से डरता है, न ही तारीफों से होता है प्रभावित

बाहरी दबावों पर प्रतिक्रिया देते हुए बघाई ने कहा कि ईरान न तो धमकियों से डरता है और न ही तारीफों से प्रभावित होता है। उन्होंने कहा, “जैसे हम दुश्मन की धमकियों से नहीं डरते, वैसे ही उनकी तारीफों से भी उत्साहित नहीं होते। हमें अपनी क्षमताओं पर भरोसा है और हम भविष्य की रणनीति उसी आधार पर बना रहे हैं।”

हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर बघाई ने कहा कि ईरान और ओमान के बीच विशेषज्ञ स्तर की बातचीत जारी है। उन्होंने कहा, “हॉर्मुज जलडमरूमध्य बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है और जहाजरानी की सुरक्षा हमारे लिए बहुत अहम है। ईरान द्वारा उठाए गए कदम अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप सुरक्षा बनाए रखने के लिए हैं।”

ईरान और ओमान के विशेषज्ञों के बीच सम्पर्क जारी 

बघाई ने बताया कि पिछले सप्ताह मस्कट में ईरान और ओमान के विशेषज्ञों की बैठक हुई थी और दोनों देशों के बीच संपर्क लगातार जारी है। इस बीच, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कूटनीतिक गतिरोध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई चेतावनी दी।

ट्रंप ने रविवार को Truth Social पर लिखा, “ईरान के लिए समय तेजी से निकल रहा है। उन्हें बहुत जल्दी कदम उठाने होंगे, नहीं तो उनके पास कुछ भी नहीं बचेगा। समय बेहद महत्वपूर्ण है!”