द हेग, नीदरलैंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रोब जेटन के साथ विश्व प्रसिद्ध जल प्रबंधन संरचना ‘अफ्सलाउटडाइक’ का दौरा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में नीदरलैंड ने अग्रणी कार्य किया है और पूरी दुनिया उसके अनुभवों से बहुत कुछ सीख सकती है।
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "जल प्रबंधन ऐसा क्षेत्र है, जिसमें नीदरलैंड ने ऐतिहासिक और अभिनव कार्य किया है। पूरी अंतरराष्ट्रीय समुदाय इससे काफी कुछ सीख सकती है। आज सुबह मुझे अफ्सलाउटडाइक का दौरा करने और इस परियोजना की प्रमुख विशेषताओं को समझने का अवसर मिला।"
"मैं प्रधानमंत्री रोब जेटन का आभारी हूं"
इसके आगे उन्होंने लिखा, "मैं प्रधानमंत्री रोब जेटन का आभारी हूं, जिन्होंने मेरे साथ यहां समय बिताया। हम भारत में आधुनिक तकनीकों को लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा और अंतर्देशीय जलमार्ग नेटवर्क के विस्तार में मदद करेंगी।"

पीएम मोदी ने अपने इस दौरे की तस्वीरें साझा कीं
यह दौरा दोनों देशों की जल प्रबंधन, जलवायु लचीलापन और टिकाऊ बुनियादी ढांचे को लेकर साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अफ्सलाउटडाइक 32 किलोमीटर लंबा बांध और कॉजवे है, जिसे बाढ़ नियंत्रण और भूमि पुनर्निर्माण का वैश्विक मॉडल माना जाता है। यह नीदरलैंड के बड़े हिस्से को उत्तरी सागर से बचाने के साथ-साथ मीठे पानी के भंडारण में भी मदद करता है। पीएम मोदी ने अपने इस दौरे की तस्वीरें भी एक्स पर साझा कीं।
Een gebied waarop Nederland baanbrekend werk heeft verricht, is waterbeheer. De hele internationale gemeenschap kan hier veel van leren. Vanmorgen heb ik de kans gehad om de Afsluitdijk te bezoeken en inzicht te krijgen in de belangrijkste kenmerken van dit project. Ik ben… pic.twitter.com/idjsR9SuJv
— Narendra Modi (@narendramodi) May 17, 2026
‘कल्पसर परियोजना’ के बीच समानताओं पर भी चर्चा हुई
इस दौरे के दौरान अफ्सलाउटडाइक और गुजरात की महत्वाकांक्षी ‘कल्पसर परियोजना’ के बीच समानताओं पर भी चर्चा हुई। कल्पसर परियोजना का उद्देश्य खंभात की खाड़ी में विशाल मीठे पानी का जलाशय तैयार करना है, जिसमें ज्वारीय ऊर्जा उत्पादन, सिंचाई और परिवहन अवसंरचना को एकीकृत किया जाएगा।

तकनीकी सहयोग के लिए आशय पत्र का स्वागत
इसी संदर्भ में भारत के जल शक्ति मंत्रालय और नीदरलैंड के अवसंरचना एवं जल प्रबंधन मंत्रालय के बीच कल्पसर परियोजना पर तकनीकी सहयोग के लिए आशय पत्र (Letter of Intent) पर हस्ताक्षर का स्वागत किया गया।

दोनों देशों के बीच मज़बूत होंगे रिश्ते
दोनों नेताओं ने कहा कि हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग में डच विशेषज्ञता और भारत की बड़े स्तर पर परियोजनाएं लागू करने की क्षमता, दोनों देशों के बीच लाभकारी साझेदारी के नए अवसर पैदा करती हैं। यह दौरा भारत-नीदरलैंड जल साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

पीएम की यात्रा से आपसी संबंधों को मिलेगी नई गति
पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “मेरी नीदरलैंड यात्रा ने भारत-नीदरलैंड संबंधों को नई गति दी है। हमने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचाने के साथ जल संसाधन, सेमीकंडक्टर, नवाचार, रक्षा, स्थिरता और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में भविष्य के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है।”
उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री रोब जेटन का गर्मजोशी से स्वागत और एयरपोर्ट तक विदाई देने के लिए आभार व्यक्त करता हूं। मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में भारत और नीदरलैंड की मित्रता और मजबूत होगी।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई को यूरोप की चार देशों की यात्रा के तहत दो दिवसीय दौरे पर द हेग पहुंचे थे। उनकी अगली यात्रा स्वीडन, नॉर्वे और इटली की है।
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