वॉशिंगटन डीसी, अमरीका: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार को नए फेडरल रिजर्व चेयर केविन वॉर्श के शपथ ग्रहण समारोह की मेजबानी करेंगे। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, यह समारोह इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ट्रंप ने ब्याज दरों में कटौती को लेकर जेरोम पॉवेल से मतभेद के बाद वॉर्श की नियुक्ति में खास दिलचस्पी दिखाई थी।
14 मई को व्हाइट हाउस ने जानकारी दी थी कि केविन वॉर्श को फेडरल रिजर्व सिस्टम के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन के रूप में पुष्टि मिल चुकी है। निवर्तमान फेड चेयर जेरोम पॉवेल, जिन्हें ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में नियुक्त किया था, ने फेडरल रिजर्व में शपथ ली थी। हालांकि उस समय ट्रंप समारोह में शामिल नहीं हुए थे।
ट्रंप ने जेरोम पॉवेल से पहले केविन वॉर्श का लिया था इंटरव्यू
2017 में ट्रंप ने फेड चेयर पद के लिए जेरोम पॉवेल से पहले केविन वॉर्श का भी इंटरव्यू लिया था। बाद में पॉवेल को चुना गया। वर्ष 2021 में बाइडेन प्रशासन ने पॉवेल को दूसरे कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्त किया था। 1987 में एलन ग्रीनस्पैन आखिरी ऐसे फेडरल रिजर्व चेयर थे जिन्होंने व्हाइट हाउस में शपथ ली थी।
पिछले सप्ताह अमेरिकी सीनेट ने केविन वॉर्श को चार साल के कार्यकाल के लिए फेडरल रिजर्व चेयर के रूप में मंजूरी दी। फेडरल रिजर्व ने कहा था कि वॉर्श के शपथ लेने तक जेरोम पॉवेल कार्यवाहक प्रमुख बने रहेंगे। सीनेट से मंजूरी मिलने और नैतिक मानकों को पूरा करने के लिए अपनी कुछ निजी निवेश हिस्सेदारी बेचने पर सहमति देने के बाद सत्ता हस्तांतरण को सुचारु माना जा रहा है।
President Trump will swear in Kevin Warsh as the next chairman of the US Federal Reserve on Friday, a White House official said https://t.co/k3tMLONigB pic.twitter.com/rCrZM1e92E
— Reuters (@Reuters) May 18, 2026
पश्चिम एशिया में तनाव के चलते तेल की कीमतें बढ़ीं
हालांकि, जेरोम पॉवेल कुछ समय तक फेडरल रिजर्व बोर्ड के गवर्नर बने रहेंगे। केविन वॉर्श ऐसे समय फेडरल रिजर्व की कमान संभाल रहे हैं जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था महंगाई, घटते उपभोक्ता विश्वास और ईरान युद्ध से जुड़ी अनिश्चितताओं का सामना कर रही है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
फेडरल रिजर्व से जुड़ने वाले सबसे युवा गवर्नर थे वॉश
वॉर्श 2006 में फेडरल रिजर्व से जुड़ने वाले सबसे युवा गवर्नर थे। इससे पहले वह बुश प्रशासन और मॉर्गन स्टेनली में काम कर चुके थे। उन्होंने वॉल स्ट्रीट का अनुभव फेडरल रिजर्व में लाया, जहां आमतौर पर अर्थशास्त्रियों का दबदबा रहता था।
2008-09 की वैश्विक आर्थिक मंदी के दौरान अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए फेडरल रिजर्व के बड़े बॉन्ड खरीद कार्यक्रम को लेकर वॉर्श चिंतित रहे थे। उन्हें आशंका थी कि यह कार्यक्रम जरूरत से ज्यादा बड़ा हो जाएगा और अंततः सरकार के हाथों का उपकरण बन सकता है। वॉर्श ने फेड की 6 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की बैलेंस शीट को कम करने का वादा किया है। इसके साथ ही उन्होंने कई अन्य बदलावों के संकेत दिए हैं, जिनसे वॉल स्ट्रीट को मिले-जुले संकेत मिले हैं।
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