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ईरान ने US से बातचीत करने से किया इनकार, तेल कीमतों में जबरदस्त उछाल...

By: GTC Bharat Desk  |  Edited By: Preeti Kamal  |  Updated at: March 24th 2026 11:39 AM

ईरान ने US से बातचीत करने से किया इनकार, तेल कीमतों में जबरदस्त उछाल...
ईरान ने US से बातचीत करने से किया इनकार, तेल कीमतों में जबरदस्त उछाल...

ईरान: तेल की कीमतों में 24 मार्च को जोरदार उछाल देखा गया, जब कच्चा तेल फिर से 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह तेजी आई है। यह उछाल ऐसे समय में आया है जब डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को ईरान ने खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है।

शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड करीब 4% बढ़कर 103.94 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) लगभग 4% बढ़कर 91.62 डॉलर पर पहुंच गया। इससे पहले पिछले सत्र में 10% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी, जो ऊर्जा ढांचे पर हमलों में अस्थायी रोक की उम्मीद के कारण आई थी।

'Strait of Hormuz' पर पड़ रहा है तनाव का असर

हालांकि, बाजार का रुख जल्द ही बदल गया जब तेहरान ने किसी भी तरह की कूटनीतिक बातचीत से इनकार करते हुए अमेरिकी दावों को भ्रामक बताया। इसके साथ ही ईरान से दो ऊर्जा सुविधाओं पर ताजा हवाई हमलों की खबरों ने बाजार की चिंता बढ़ा दी, जिससे साफ है कि तनाव कम होने की संभावना अभी दूर है।

लगातार जारी तनाव का असर Strait of Hormuz पर भी पड़ रहा है, जो वैश्विक तेल और एलएनजी सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा संभालता है। इस क्षेत्र में सप्लाई को लेकर जोखिम ही कीमतों में उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण बना हुआ है।

तनाव कम होने से कीमतें संतुलित होंगी

आगे की बात करें तो विश्लेषकों का मानना है कि भले ही तनाव कुछ समय के लिए कम हो जाए, कच्चे तेल की कीमतें 85–90 डॉलर के दायरे में मजबूत बनी रह सकती हैं, जबकि ऊपर की ओर 110 डॉलर तक जा सकती हैं। अगर स्थिति लंबी खिंचती है और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सामान्य शिपिंग बहाल नहीं होती, तो कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक भी पहुंच सकती हैं।