Delhi News: हिंदू कॉलेज छात्रा से कार में खींचने की कोशिश का आरोप, ₹44 हजार के चालान वाली सफारी सीज
Delhi News: मुखर्जी नगर में हिंदू कॉलेज की छात्रा को कथित तौर पर कार में खींचने की कोशिश के मामले में पुलिस ने सफेद सफारी को सीज किया है। वाहन पर ₹44,000 के पुराने ट्रैफिक चालान बताए गए हैं। पुलिस FIR के साथ CCTV और शिकायत में देरी के आरोपों की भी जांच कर रही है।
दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में हिंदू कॉलेज की एक छात्रा को कथित तौर पर कार में खींचने की कोशिश के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। घटना में इस्तेमाल बताई जा रही सफेद रंग की सफारी कार को सीज कर लिया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, इस वाहन पर पहले से कुल ₹44,000 के चालान लंबित हैं। इनमें अधिकांश चालान ओवरस्पीडिंग से जुड़े बताए गए हैं।
यह घटना बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे हकीकत पार्क, मुखर्जी नगर के पास हुई थी। छात्रा ने आरोप लगाया था कि वह अपनी सहेली के साथ पैदल जा रही थी, तभी एक सफेद कार उनके पास आकर रुकी और उसमें मौजूद लोगों ने कथित तौर पर उन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
विरोध के बाद पीछा करने का आरोप
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में छात्रा ने घटना के बारे में अपनी बात रखी। उसके मुताबिक, कार में मौजूद लोगों की कथित टिप्पणियों का उसने और उसकी सहेली ने विरोध किया। इसके बाद आरोप है कि कार सवारों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और कुछ दूरी तक उनका पीछा किया।
छात्रा के अनुसार, जब दोनों ने घटना को रिकॉर्ड करने के लिए रुकने की कोशिश की, तो कार सवार भी रुक गए। इसी दौरान छात्रा ने आरोप लगाया कि उसे कार के अंदर खींचने का प्रयास किया गया।
बताया गया है कि छात्रा की सहेली ने वाहन की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की, जिसके बाद कार सवार वहां से चले गए। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और उपलब्ध वीडियो तथा अन्य साक्ष्यों को भी देखा जा रहा है।
कार पर पहले से ₹44 हजार के चालान
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि जिस सफेद सफारी को घटना से जोड़ा जा रहा है, उसे सीज कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, वाहन पर कुल ₹44,000 के चालान दर्ज हैं।
इनमें ज्यादातर चालान ओवरस्पीडिंग से संबंधित बताए गए हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि इसी वाहन का 13 सितंबर को भी ओवरस्पीडिंग के कारण चालान किया गया था।
हालांकि, वाहन पर पहले से मौजूद ट्रैफिक चालान और मौजूदा मामले के आरोप अलग-अलग विषय हैं। पुराने चालानों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वाहन मालिक या चालक मौजूदा घटना में भी दोषी है। मौजूदा मामले में पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR
दिल्ली पुलिस के अनुसार, घटना के संबंध में मुखर्जी नगर थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने वाहन चालक की पहचान नमन के रूप में बताई है, जो दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र बताया गया है। घटना के समय उसके साथ दो-तीन अन्य लोगों के मौजूद होने की भी जानकारी सामने आई है।
मामले में BNS की धारा 78, 79 और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, इसमें पीछा करने, किसी महिला की गरिमा का अपमान करने के इरादे से शब्द या इशारे करने और सामान्य इरादे से किए गए कृत्य से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
जांच के दौरान पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जुटा रही है। इलाके के निवासी अरविंद सिंह चौहान के अनुसार, पुलिसकर्मी उनके यहां लगे CCTV कैमरों की DVR भी अपने साथ ले गए हैं।
शिकायत दर्ज कराने में देरी के आरोप की भी जांच
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद शिकायत दर्ज कराने के लिए उसे और उसकी सहेली को करीब चार घंटे तक तीन अलग-अलग थानों के चक्कर लगाने पड़े। छात्रा के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें यह बताया गया कि घटना संबंधित थाने के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि छात्रा द्वारा लगाए गए इस आरोप की भी जांच की जा रही है कि FIR दर्ज होने से पहले उसे कई थानों में जाना पड़ा था।
यह पहलू इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि घटना के तुरंत बाद शिकायत दर्ज होने और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि शिकायत कब और किस स्तर पर दर्ज की गई तथा शुरुआत में किन परिस्थितियों में छात्रा को दूसरे थाने जाने के लिए कहा गया।
CCTV और अन्य सबूतों की जांच
मामले की जांच में CCTV फुटेज, छात्रा की ओर से उपलब्ध कराई गई रिकॉर्डिंग और वाहन से संबंधित जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस ने वाहन को सीज कर लिया है और उसमें मौजूद लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
फिलहाल छात्रा द्वारा लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं। आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।