सत्य निकेतन हादसे की FIR में बड़ा खुलासा, किराए के लालच में पुरानी इमारत पर बना दी गईं 4 मंजिलें

Satya Niketan Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे की FIR में पुलिस ने बिल्डिंग मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। FIR के अनुसार, पुरानी इमारत पर कथित तौर पर चार मंजिलें बनाई गईं, जिससे भवन की नींव पर अतिरिक्त भार पड़ा।

By  Laxman September 8th 2026 11:13 AM

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत गिरने के मामले में दर्ज FIR में पुलिस ने भवन के निर्माण और हादसे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। FIR के अनुसार, बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल उर्फ गुप्ता और उसके भाई ने कथित तौर पर किराये से ज्यादा कमाई के उद्देश्य से वर्षों पुरानी इमारत के ऊपर चार मंजिलों का निर्माण कराया। पुलिस का आरोप है कि मालिकों को भवन की नींव की क्षमता की जानकारी थी, फिर भी अतिरिक्त निर्माण कराया गया।

पुलिस के मुताबिक, पुरानी इमारत की नींव अतिरिक्त भार उठाने की स्थिति में नहीं थी। ऊपर नई मंजिलें बनने के बाद भवन पर उसकी क्षमता से अधिक वजन पड़ गया। FIR में इसी अतिरिक्त भार को इमारत के अचानक ढहने की संभावित वजह के तौर पर बताया गया है।

चार मंजिलों के अतिरिक्त निर्माण का आरोप

FIR के मुताबिक, सत्य निकेतन की जिस इमारत में हादसा हुआ, उसमें ग्राउंड फ्लोर के अलावा चार ऊपरी मंजिलें थीं। यहां HostelDaze नाम से PG/हॉस्टल संचालित होने की बात सामने आई है। बड़ी संख्या में छात्र और अन्य लोग इस इमारत में रह रहे थे।

पुलिस का आरोप है कि भवन मालिकों को पता था कि मौजूदा ढांचा अतिरिक्त निर्माण का भार सहन नहीं कर सकता। इसके बावजूद ऊपरी हिस्से में निर्माण जारी रखा गया। FIR में कहा गया है कि अतिरिक्त मंजिलों और दूसरे निर्माण कार्यों के कारण इमारत की भार वहन क्षमता पर लगातार दबाव बढ़ता गया।

हालांकि, ये सभी बातें FIR में लगाए गए पुलिस के आरोप हैं। निर्माण और हादसे की वास्तविक वजह का अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही होगा।

हादसे में 7 लोगों की मौत

इमारत गिरने के बाद बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। रविवार से सोमवार शाम तक मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन इनमें से सात की जान चली गई।

मृतकों में 20 वर्षीय अभिषेक, 20 वर्षीय युवराज सोनी, 17 वर्षीय पवन, 19 वर्षीय अर्पित जाजज, 18 वर्षीय अक्षत सिंह यादव और 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह शामिल हैं। सातवें मृतक की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

हादसे में कई युवा छात्रों की मौत ने इस घटना को और गंभीर बना दिया है।

पांच घायलों का अस्पताल में इलाज

मलबे से निकाले गए घायलों में 30 वर्षीय असगर अली, 19 वर्षीय नीरज बावन, 19 वर्षीय आदित्य कुमार, 19 वर्षीय नितिश चिब और 18 वर्षीय मोहम्मद अयान शामिल हैं।

सभी का इलाज AIIMS ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें तीन घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

पुलिस के मुताबिक, रविवार को मलबे से पांच मृतकों और पांच घायलों को निकाला गया था। इसके बाद सोमवार को दो और मृतकों के शव बरामद किए गए।

किराये की कमाई को लेकर पुलिस का आरोप

FIR में पुलिस ने बिल्डिंग मालिक पर आरोप लगाया है कि उसे इमारत की संरचनात्मक क्षमता के बारे में जानकारी थी। पुलिस के अनुसार, मालिक को यह भी अंदाजा था कि अतिरिक्त वजन से भवन को नुकसान पहुंच सकता है और लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।

इसके बावजूद कथित तौर पर किराये से अधिक आय हासिल करने के लिए ऊपरी मंजिलों का निर्माण कराया गया। पुलिस का कहना है कि इसी निर्माण से भवन पर उसकी क्षमता से अधिक भार पड़ा और हादसा हुआ।

FIR में PCR कॉल, घटनास्थल की परिस्थितियों तथा मृतकों और घायलों की मेडिकल रिपोर्ट यानी MLC को आधार बनाते हुए प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध सामने आने की बात कही गई है।

अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि भवन का निर्माण कब और किन परिस्थितियों में किया गया, अतिरिक्त मंजिलों के लिए अनुमति थी या नहीं और निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

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