सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD पर बड़ा एक्शन, डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारी सस्पेंड
Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डिप्टी कमिश्नर समेत पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। सरकार अब पुरानी और असुरक्षित इमारतों की सुरक्षा जांच पर भी जोर दे रही है।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम दिल्ली (MCD) ने दक्षिणी जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अधिकारियों पर हादसे से जुड़े मामलों में लापरवाही और निगरानी में चूक के आरोपों के बीच यह कार्रवाई की गई है।
निलंबित अधिकारियों में दक्षिणी जोन के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, बिल्डिंग विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। MCD की विजिलेंस शाखा की ओर से जारी आदेश में अधिकारियों को DMC Services (Control and Appeal) Regulations, 1959 के तहत सस्पेंड किए जाने की जानकारी दी गई है।
सत्य निकेतन में ढही बहुमंजिला इमारत
सत्य निकेतन में एक पुरानी बहुमंजिला इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया। इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट (PG) आवास के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए NDRF, दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियों ने अभियान चलाया।
सोमवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे का बड़ा हिस्सा हटाया जा चुका था और आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी कदम उठाए जा रहे थे।
किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई?
MCD की कार्रवाई में दक्षिणी जोन के ये अधिकारी शामिल हैं:
- डिप्टी कमिश्नर
- सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर
- एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग)
- असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग)
- जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग)
निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। हादसे के बाद अधिकारियों की जिम्मेदारी और बिल्डिंग की निगरानी से जुड़े सवालों की जांच आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।
अवैध और कमजोर इमारतों पर भी नजर
हादसे के बाद दिल्ली सरकार और MCD ने शहर की पुरानी तथा संभावित रूप से असुरक्षित इमारतों की जांच पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाली इमारतों के नियमित structural audit और safety certification की व्यवस्था तैयार करने की बात कही है। इसमें PG, नर्सिंग होम, स्कूल और अन्य संस्थानों को शामिल किया जा सकता है।
MCD के मुताबिक, इलाके में पहले भी अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई है। निगम ने हाल के महीनों में कई इमारतों को गिराने, सील करने और नोटिस जारी करने की कार्रवाई का भी उल्लेख किया है।
बिल्डिंग मालिक की भी तलाश
हादसे के मामले में पुलिस ने इमारत के मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। रिपोर्टों के मुताबिक, मालिक हरिराम बंसल की तलाश की जा रही है और उसके खिलाफ Look Out Circular जारी किया गया है।
इस हादसे ने दिल्ली में पुराने भवनों, अवैध निर्माण, PG में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा और स्थानीय निकाय की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब पांच MCD अधिकारियों के निलंबन के बाद जांच का फोकस यह पता लगाने पर भी रहेगा कि इमारत की स्थिति और वहां चल रहे काम को लेकर संबंधित विभागों की ओर से क्या निगरानी की गई थी।