आंध्र प्रदेश: दूध में मिलावट के मामले में मौत का आंकड़ा 16 तक पहुंचा...

By  Preeti Kamal March 22nd 2026 03:40 PM -- Updated: March 22nd 2026 02:42 PM

ईस्ट गोदावरी, आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले में संदिग्ध दूध मिलावट के मामले में मौतों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (DMHO) के. वेंकटेश्वर राव ने रविवार को इसकी पुष्टि की।

अधिकारी के अनुसार, तीन अन्य लोग अभी भी राजमहेंद्रवरम के अस्पतालों में इलाजरत हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जांच में पाया गया कि मरीजों में किडनी फेल्योर और ब्लड यूरिया व सीरम क्रिएटिनिन का स्तर काफी बढ़ा हुआ था, जो विषाक्त पदार्थों के संपर्क का संकेत देता है।

गंभीर लक्षण और शुरुआती जांच

22 फरवरी को राजमहेंद्रवरम के KIMS अस्पताल में कई बुजुर्ग मरीजों को भर्ती किया गया था। उनमें निम्नलिखित लक्षण पाए गए:

  • यूरीन न आना (Anuria)
  • उल्टी
  • पेट दर्द
  • तीव्र गुर्दा विकार (Acute renal dysfunction)

दूध सप्लाई से जुड़ा संभावित कारण

प्रारंभिक महामारी विज्ञान जांच में दूध सेवन को संभावित कारण माना गया है। यह दूध वरलक्ष्मी मिल्क डेयरी से 106 परिवारों को सप्लाई किया गया था। मामले के सामने आने के बाद इस डेयरी से दूध की सप्लाई तुरंत रोक दी गई।

फूड सेफ्टी विभाग की कार्रवाई

दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में भी खाद्य मिलावट के खिलाफ अभियान चलाया गया। फूड सेफ्टी विभाग (UPFSDA) और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मिलकर कानपुर में छापेमारी की, जिसमें:

  • 13,000 लीटर से अधिक मिलावटी तेल जब्त किया गया
  • 1,000 किलो से ज्यादा रंगीन कचरा बरामद हुआ
  • एक नकली घी बनाने वाली यूनिट पर छापा, ₹5.45 लाख का सामान जब्त

त्योहारों से पहले सख्ती

त्योहारों के मौसम को देखते हुए लखनऊ, रायबरेली और अन्य क्षेत्रों में भी निरीक्षण और छापेमारी की जा रही है। कोल्ड स्टोरेज, डेयरी और मिठाई दुकानों से सैंपल लिए जा रहे हैं और संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की जा रही है।

निष्कर्ष: दूध मिलावट का यह मामला गंभीर स्वास्थ्य संकट बन गया है, जबकि देश के अन्य हिस्सों में भी खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई जारी है।

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