पंजाब: निहंग सिखों के दो गुट आमने-सामने, गुरुद्वारा प्रबंधन ने बताई वजह
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में भी निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद कुल्हाल चेक पोस्ट पर पुलिस ने निहंग सिखों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे। प्रशासन और निहंग प्रतिनिधियों के बीच करीब दो घंटे तक बातचीत हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
मोहाली, पंजाब: मोहाली के सोहाना स्थित गुरुद्वारा सिंह शहीदां के दरबार हॉल में रविवार को दो निहंग सिख गुटों के बीच झड़प हो गई। पुलिस के अनुसार, यह घटना उन चार निहंग सिखों के जमानत पर रिहा होकर लौटने के बाद हुई, जिन्हें कर्णप्रयाग झड़प मामले में जमानत मिली थी। घटना की सूचना मिलते ही सोहाना पुलिस थाना की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में किया। पुलिस ने बताया कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, चारों निहंग सिखों की वापसी पर जश्न मनाया जा रहा था, इसी दौरान दोनों गुटों के बीच विवाद बढ़ गया और झड़प हो गई। डीएसपी हरसिमरत सिंह चेहत्रा ने वीडियो बयान जारी कर कहा, "दरबार हॉल में कुछ लोगों के बीच झड़प की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और पुलिस गुरुद्वारा प्रबंधन के लगातार संपर्क में है।"
किसी पक्ष ने अभी तक कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई- डीएसपी
डीएसपी ने कहा, "अब तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत मिलती है तो कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।" गुरुद्वारा सोहाना साहिब के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह बैदवान ने बताया कि झड़प का कारण दोनों निहंग गुटों के बीच पहले से चला आ रहा आंतरिक विवाद था। उन्होंने कहा, "यह विवाद पहले से ही चला आ रहा था। दोनों पक्ष पहले भी आपस में भिड़ चुके हैं, लेकिन इस बार विवाद गुरुद्वारे के अंदर खुलकर सामने आया।"
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में भी निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद कुल्हाल चेक पोस्ट पर पुलिस ने निहंग सिखों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे। प्रशासन और निहंग प्रतिनिधियों के बीच करीब दो घंटे तक बातचीत हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद कुछ निहंग सिखों ने कथित तौर पर बैरिकेड तोड़कर उत्तराखंड में प्रवेश किया और हेमकुंड साहिब जाने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल और आईटीबीपी के जवानों को तैनात किया था।