चंडीगढ़, पंजाब: संयुक्त किसान मोर्चा (पंजाब) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से लोक भवन, चंडीगढ़ में मुलाकात की। इस दौरान किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों तथा मांगों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
प्रतिनिधिमंडल ने किसानों के सामने मौजूद कई महत्वपूर्ण समस्याओं को राज्यपाल के समक्ष रखा। इनमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, किसानों और कृषि मजदूरों के कर्ज की माफी, जल संसाधनों का संरक्षण, फसल बीमा, भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दे तथा किसान आंदोलनों के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने जैसी प्रमुख मांगें शामिल रहीं।
राज्यपाल ने समाधान के लिए प्रयास का दिया भरोसा
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने किसान नेताओं को आश्वासन दिया कि वे किसानों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों और मांगों को व्यक्तिगत रूप से पंजाब सरकार और भारत सरकार के समक्ष रखेंगे तथा उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब की कृषि, जल संसाधन और किसानों की आजीविका से जुड़े मुद्दे अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
Chandigarh: President of Indian Kisan Union Balbir Singh Rajewal says, “Today, a large delegation of the Samyukt Kisan Morcha met the Governor in a very cordial atmosphere. We submitted a memorandum and placed all our demands before him. We also raised the issue of water in… pic.twitter.com/FP8rRh4VRr
— IANS (@ians_india) June 19, 2026
व्यावहारिक समाधान भी मांगे
राज्यपाल ने संयुक्त किसान मोर्चा से आग्रह किया कि वह अपनी मांगों के साथ-साथ उनके व्यावहारिक और दीर्घकालिक समाधानों का भी विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकारों को सौंपे। इससे संबंधित मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से सरकार के समक्ष रखा जा सकेगा।
किसान नेताओं पर दर्ज FIR वापस लेने की प्रक्रिया जारी
बैठक के दौरान राज्यपाल ने किसान प्रतिनिधियों को यह भी जानकारी दी कि चंडीगढ़ में किसान नेताओं के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने से संबंधित प्रस्ताव पहले ही भारत के राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है और मामले पर आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी।
किसान नेताओं ने जताया आभार
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित सरकारों के समक्ष मुद्दों को उठाने का आश्वासन दिया। किसान संगठनों का कहना है कि MSP की कानूनी गारंटी, कर्ज राहत और कृषि सुधारों जैसे मुद्दों पर ठोस कदम उठाना समय की जरूरत है, ताकि किसानों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
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