तृणमूल सांसद डोला सेन ने बागी गुट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की
बागी गुट का दावा है कि उसे पार्टी के 80 में से 58 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। गुट ने 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति (NWC) का भी गठन किया है और कहा है कि ममता बनर्जी पार्टी की संरक्षक (Mentor) बनी रहें।
पश्चिम बंगाल: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद डोला सेन ने कोलकाता के प्रगति मैदान पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी को पत्र लिखकर बागी गुट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने बागी गुट पर तृणमूल कांग्रेस के नाम का कथित तौर पर दुरुपयोग, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करने और झूठे इलेक्ट्रॉनिक संचार प्रसारित करने के आरोप लगाए हैं।
शनिवार को दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में डोला सेन ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत तत्काल मामला दर्ज कर निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने की मांग की।
निष्पक्ष और गहन जांच हो, तत्काल FIR दर्ज हो
अपने पत्र में सांसद डोला सेन ने कहा कि इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक और अन्य सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए शीघ्र, निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए तथा संबंधित संज्ञेय अपराधों के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
बागी सांसदों ने खुद को 'असली तृणमूल कांग्रेस' बताया
यह शिकायत तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट द्वारा आयोजित एक बैठक के बाद सामने आई है। यह गुट खुद को "असली तृणमूल कांग्रेस" होने का दावा कर रहा है। कोलकाता में पूर्व पार्षदों के साथ हुई इस बैठक के बाद पूर्व TMC पार्षद देबलीना बिस्वास ने कहा कि यह बैठक नए नेतृत्व की ओर से बुलाई गई थी, जिसका संविधान 22 जून को तैयार किया गया था।
देबलीना बिस्वास ने कहा कि बैठक में पूर्व पार्षदों को आमंत्रित किया गया था और उनके क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। इस महीने की शुरुआत में ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस कमेटी के लिए नए नेतृत्व की घोषणा करते हुए अरूप रॉय को अध्यक्ष नियुक्त किया था।
बागी गुट का दावा, 80 में से 58 विधायकों का समर्थन प्राप्त है
बागी गुट का दावा है कि उसे पार्टी के 80 में से 58 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। गुट ने 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति (NWC) का भी गठन किया है और कहा है कि ममता बनर्जी पार्टी की संरक्षक (Mentor) बनी रहें। इस समिति में फिरहाद हाकिम, अरूप बिस्वास, रथीन घोष, सबीना यास्मीन, जावेद खान और संदीपन साहा सहित कई नेता शामिल हैं। इनमें फिरहाद हाकिम, अरूप बिस्वास, रथीन घोष और सबीना यास्मीन को उपाध्यक्ष बनाया गया है।
इसके अलावा काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय का ऐलान भी किया है।