नई दिल्ली, भारत: वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच नाजुक संघर्षविराम को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। सुबह 9:17 बजे BSE Sensex 408.41 अंक या 0.53% गिरकर 77,154.49 पर था। वहीं NSE Nifty 50 157.50 अंक या 0.66% टूटकर 23,839.85 पर कारोबार कर रहा था।
घरेलू बाजारों में यह गिरावट एशियाई बाजारों की कमजोरी के अनुरूप रही। जापान का Nikkei 225 और दक्षिण कोरिया का KOSPI भी गिरावट में रहे। हांगकांग का Hang Seng और चीन का Shanghai Composite मामूली नुकसान में रहे, जबकि थाईलैंड का SET Composite हल्की बढ़त में था।
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— NDTV Profit (@NDTVProfitIndia) April 9, 2026
'ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ, आर्थिक दृष्टिकोण सकारात्मक'
पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में जोरदार तेजी देखी गई थी, जिसे विशेषज्ञों ने भू-राजनीतिक घटनाक्रम और घरेलू नीतिगत संकेतों से जोड़ा। Geojit Investments Limited के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्षविराम और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार में 873 अंकों की तेजी आई थी।
उन्होंने Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति पर कहा कि ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन आर्थिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है। विजयकुमार के अनुसार, FY27 के लिए 6.9% GDP वृद्धि और 4.6% महंगाई का अनुमान बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है, जिससे लगभग 12% आय वृद्धि संभव है।
पश्चिम एशिया तनाव को लेकर निवेशकों की चिंता बरकरार
हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव को लेकर निवेशकों की चिंता बनी हुई है। इजरायल-लेबनान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में संभावित उछाल बाजार की तेजी को प्रभावित कर सकता है। कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतें लगभग 2% बढ़कर 4,790 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गईं, जबकि ब्रेंट क्रूड भी लगभग 2% उछलकर 97 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया।