नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के करोल बाग स्थित गफ्फार मार्केट में शुक्रवार तड़के भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग मार्केट की दो इमारतों में स्थित दुकानों तक फैल गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रभावित दुकानों और हालात का जायजा लिया। वहीं, नगर निगम दिल्ली (MCD) ने आग पूरी तरह बुझने के बाद दोनों इमारतों को खाली कराने का फैसला किया है।
दमकल विभाग के मुताबिक, आग लगने की सूचना रात करीब 1:30 बजे मिली थी। शुरुआत में चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग की गंभीरता बढ़ने के बाद इसे मध्यम श्रेणी की आग घोषित किया गया। आग पर काबू पाने के लिए करीब 150 दमकलकर्मियों को 27 दमकल गाड़ियों के साथ तैनात किया गया।
बैटरी की दुकान से शुरू हुई आग, ऊपरी मंजिलों तक फैली
दिल्ली अग्निशमन सेवा के डिविजनल ऑफिसर मुकेश वर्मा के अनुसार, गफ्फार मार्केट की गली चेन वाली में दुकानों के अंदर आग लगने की सूचना मिली थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग बैटरी का कारोबार करने वाली एक दुकान से शुरू हुई और धीरे-धीरे ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। उन्होंने बताया कि त्योहारों का मौसम होने के कारण दुकानों में बड़ी मात्रा में सामान रखा हुआ था। इसमें काफी सामान ज्वलनशील था, जिससे आग बुझाने में दमकलकर्मियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
#WATCH | Delhi: Mukesh Verma, Divisional Officer, Delhi Fire Service says, "We received information around 1:30 AM that there was a fire inside shops in Gali Chain Wali, Gaffar Market. Four of our fire tenders reached the spot immediately. Given the situation, the category of the incident was escalated, eventually reaching a 'medium category' fire. Approximately 40 to 45 shops were affected. The fire has now been completely brought under control. There are no reports of any casualties. Initial reports suggested the fire started in a shop dealing in batteries. From there, it gradually spread to the upper floors. In total, 27 fire tenders and around 125 personnel were deployed. It was a very demanding operation because the lanes are narrow. Furthermore, as it is the festival season, the shops were stocked with a large quantity of goods, much of which was highly flammable, making the firefighting efforts quite difficult. We observed a few fire extinguishers installed here, but the fire protection system required for a building of this nature was not present."
— ANI (@ANI) November 6, 2026
इमारतों में पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था नहीं मिली
दमकल अधिकारी मुकेश वर्मा ने बताया कि इमारत में कुछ जगहों पर अग्निशमन यंत्र जरूर लगे हुए थे, लेकिन इस तरह की इमारत के लिए जरूरी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं थी। उन्होंने कहा कि आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
MCD दोनों इमारतों को कराएगा खाली
घटना के बाद नगर निगम दिल्ली (MCD) दोनों प्रभावित इमारतों को खाली कराएगा। प्रशासन का कहना है कि आग पूरी तरह बुझने के बाद दुकानों और इमारतों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद इमारतों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया जाएगा, ताकि किसी अन्य दुर्घटना की आशंका को रोका जा सके।
बैटरी ओवरहीटिंग या ओवरचार्जिंग से आग लगने की आशंका
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में बैटरियों के ओवरहीट होने या ओवरचार्जिंग को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। इसके लिए दमकल विभाग और इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर से रिपोर्ट ली जाएगी। इसके अलावा फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम भी इमारत का निरीक्षण करेगी, ताकि वहां मौजूद अन्य ज्वलनशील पदार्थों की जानकारी जुटाई जा सके।
मुआवजे पर विचार करेगी सरकार: योगेंद्र चंदोलिया
बीजेपी सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आग लगने से संपत्ति का नुकसान हुआ है, लेकिन राहत की बात है कि किसी की जान नहीं गई। उन्होंने कहा कि त्योहारों का समय कारोबारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सरकार इस मामले में मुआवजे को लेकर जरूर चर्चा करेगी और आग लगने के कारणों की जांच भी कराई जाएगी।
चंदोलिया ने दमकल विभाग की तारीफ करते हुए कहा कि दमकलकर्मियों की समय पर कार्रवाई से आग को आसपास की अन्य इमारतों तक फैलने से रोकने में मदद मिली। अगर दमकल गाड़ियां समय पर नहीं पहुंचतीं तो नुकसान कहीं ज्यादा हो सकता था।
Add GTC Bharat on Google