नई दिल्ली, भारत: दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े PMLA मामले में सुनवाई दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने सीबीआई को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 मई को निर्धारित की गई है।
याचिकाकर्ता सर्वेश मिश्रा की ओर से अधिवक्ता फारुख खान और आदित्य त्यागी पेश हुए। सरवेश मिश्रा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर 9 मार्च के अंतरिम आदेश को रद्द करने की मांग की है, जिसमें PMLA कोर्ट की कार्यवाही को स्थगित रखने और पुनरीक्षण याचिका के फैसले का इंतजार करने को कहा गया था।
#WATCH | Delhi Excise policy PMLA case | Delhi: Counsel for AAP Leader Sanjay Singh’s close aide Sarvesh Mishra, Farrukh Khan says, "Sarvesh Mishra is an accused in the PMLA case related to the Delhi Excise Policy... An application has been filed on behalf of Sarvesh Mishra that… pic.twitter.com/49uQxbjahh
— ANI (@ANI) April 29, 2026
केजरीवाल समेत सभी आरोपियों को बरी किया था
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता सीबीआई के मूल (प्रेडिकेट) मामले में आरोपी नहीं हैं, बल्कि केवल प्रवर्तन निदेशालय द्वारा PMLA के तहत शुरू की गई कार्यवाही में शामिल हैं। इसके बावजूद, बिना नोटिस या सुनवाई के पारित अंतरिम आदेश के कारण PMLA कोर्ट की कार्यवाही रुकी हुई है, जिससे उनके अधिकारों पर सीधा और प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
याचिका में यह भी कहा गया कि मूल अपराध में सभी आरोपियों को बरी किए जाने के बाद भी यह अंतरिम आदेश लागू है। ट्रायल कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े सीबीआई मामले मेंअरविंद केजरीवाल समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ अपील फिलहाल हाई कोर्ट में लंबित है।