नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत को संरक्षित करने और उसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने शाहजहानाबाद रीडेवलपमेंट कॉरपोरेशन का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (आईवीपीएन) कर दिया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह निगम पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक नागरिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए व्यापक और केंद्रित अभियान शुरू कर चुका है।
चांदनी चौक के पुनर्विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय
इस पहल के तहत इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (आईवीपीएन) की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शहरी विकास मंत्री एवं निगम के उपाध्यक्ष आशीष सूद, प्रबंध निदेशक संदीप कुमार और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में पुरानी दिल्ली के समग्र पुनर्विकास, विरासत संरक्षण, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इनमें चांदनी चौक के पुनर्विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय शामिल है।
The Delhi Government has renamed the Shahjahanabad Redevelopment Corporation as the Indraprastha Virasat Redevelopment Corporation to accelerate the conservation and redevelopment of Old Delhi. Chaired by CM @gupta_rekha the corporation will focus on preserving the city's… pic.twitter.com/KIgvks8W1k
— DD News (@DDNewslive) July 9, 2026
"चांदनी चौक को उसके सांस्कृतिक महत्व के अनुसार विकसित किया जाए"
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चांदनी चौक का स्वरूप उसकी ऐतिहासिक पहचान, पारंपरिक स्वरूप और सांस्कृतिक महत्व के अनुरूप विकसित किया जाए। साथ ही, यहां प्रतिदिन आने वाले लाखों लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएं और नागरिक सुविधाओं को और मजबूत किया जाए।
बैठक में ऐतिहासिक टाउन हॉल के पुनर्विकास की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चांदनी चौक की ओर से एक प्रमुख प्रवेश और निकास द्वार विकसित किया जाए, ताकि यह इमारत प्रमुख विरासत एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सके।
विरासत क्षेत्रों के विकास में विशेषज्ञों को शामिल करें- सीएम रेखा गुप्ता
यह भी तय किया गया कि चांदनी चौक और आसपास के विरासत क्षेत्रों के विकास में इतिहासकारों, विरासत विशेषज्ञों और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा, ताकि बाजार की मूल ऐतिहासिक और स्थापत्य पहचान सुरक्षित रह सके। साथ ही स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों के हितों की रक्षा पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
पर्यटकों की सुविधा के लिए चांदनी चौक में एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को जानकारी, मार्गदर्शन और त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
पार्किंग सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया गया
बैठक में व्यवस्थित पार्किंग सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने यमुना बाजार स्थित हनुमान मंदिर और उसके पीछे के क्षेत्र के समग्र विकास की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जामा मस्जिद क्षेत्र और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग के सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास की व्यापक योजना बनाने को भी कहा गया।
बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि पुरानी दिल्ली का विकास केवल भौतिक ढांचे तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विरासत संरक्षण, पर्यटन, व्यापार, नागरिक सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
पुरानी दिल्ली लगभग 7.12 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली है
अधिकारियों ने बताया कि पुरानी दिल्ली लगभग 7.12 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। 350 वर्ष से अधिक पुराने इस ऐतिहासिक इलाके में एक विश्व धरोहर स्थल, 10 राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक, 10 राज्य संरक्षित स्मारक और 700 से अधिक स्थानीय संरक्षित विरासत स्थल मौजूद हैं। यहां प्रतिदिन लाखों लोग खरीदारी, व्यापार, धार्मिक गतिविधियों और पर्यटन के लिए आते हैं। ऐसे में इस ऐतिहासिक क्षेत्र का योजनाबद्ध विकास विरासत संरक्षण के साथ-साथ व्यापार और पर्यटन को भी नई गति देगा।
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