नई दिल्ली, भारत: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (NDR टीम) ने शनिवार को एक खुफिया ऑपरेशन के तहत महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से चार कट्टरपंथी युवकों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, ये आरोपी IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने, ऑनलाइन भर्ती करने और देशभर में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचने में लगे थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थे, जिसमें “खिलाफत” स्थापित करने और “खुरासान से आने वाली लश्कर” जैसी मान्यताएं शामिल थीं। वे कथित तौर पर “गजवा-ए-हिंद” में भाग लेने की तैयारी कर रहे थे और एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया ग्रुप्स के जरिए दूसरों को भी जोड़ रहे थे।
#WATCH | Delhi police Special Cell (NDR) has arrested four radicalised youth from three states — Maharashtra (2), Odisha (1), Bihar (1). The accused were inspired by the ideology of establishing a Caliphate and believed in the emergence of a “lashkar from Khurasan” with black… pic.twitter.com/o4aZpWh79P
— ANI (@ANI) April 18, 2026
जांच में IED बनाने का सामान बरामद
जांच के दौरान एक आरोपी के पास से IED बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया। अधिकारियों ने बताया कि मॉड्यूल के दो सदस्य स्थानीय स्तर पर सामग्री जुटाकर रिमोट कंट्रोल से चलने वाला IED तैयार कर रहे थे।
इनमें से 1 ने दिसंबर 2025 में लाल किले का दौरा किया था
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने राम मंदिर संसद और सैन्य ठिकानों जैसे हाई-वैल्यू टारगेट्स को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। एक आरोपी ने दिसंबर 2025 में लाल किले का दौरा किया था और वहां काले झंडे की एडिटेड तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोसैब अहमद उर्फ सोनू/कलाम (ठाणे), मोहम्मद हम्माद (मुंबई), शेख इमरान (भुवनेश्वर) और मोहम्मद सोहेल (कटिहार) के रूप में हुई है।
सभी बंद एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया ग्रुप्स के सदस्य थे
पुलिस के अनुसार, ये सभी बंद एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया ग्रुप्स के सदस्य या एडमिन थे, जहां जिहाद, खिलाफत और भर्ती से जुड़ी गतिविधियों पर चर्चा होती थी। एक आरोपी ने कथित तौर पर हथियार और विस्फोटक इकट्ठा करने के लिए लोगों को उकसाया और फंड जुटाने के लिए बैंक अकाउंट व QR कोड भी साझा किया।
शेख इमरान कट्टरपंथी प्रवचनों से प्रभावित था
जांच में यह भी सामने आया कि शेख इमरान 2024 में कुछ कट्टरपंथी प्रवचनों से प्रभावित हुआ और बाद में दिल्ली में संवेदनशील जगहों जैसे इंडिया गेट और रेड फोर्ट की रेकी की। मोसैब अहमद ने कथित तौर पर रिमोट कंट्रोल खिलौना कार के सर्किट को IED के लिए मॉडिफाई करने में मदद की। वहीं, मोहम्मद सोहेल ने कई सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर युवाओं को उकसाने और फंड जुटाने का काम किया।
सभी के खिलाफ मामला दर्ज, जांच जारी
यह कार्रवाई स्पेशल सेल की NDR टीम ने इंस्पेक्टर विनय पाल और मनोज कुमार के नेतृत्व में, एसीपी आशीष कुमार की निगरानी में की। मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है।