नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) प्रतिष्ठान में हुए भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के मामले में साकेत कोर्ट ने होटल फ्लोरिश स्टेज़ के सह-मालिक लवकेश बजाज को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। आरोपी को दिल्ली पुलिस ने एक दिन पहले गिरफ्तार किया था और गुरुवार को साकेत कोर्ट परिसर में न्यायाधीश भानु प्रताप सिंह के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने मामले की गहन जांच के लिए पुलिस हिरासत मंजूर कर ली।
दिल्ली पुलिस ने लवकेश बजाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), धारा 326(जी) (आग लगाकर नुकसान पहुंचाना), धारा 324(5) (बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाना), धारा 125 (दूसरों के जीवन और सुरक्षा को खतरे में डालना) तथा धारा 287 (आग के प्रति लापरवाही) शामिल हैं।
#WATCH | Malviya Nagar Fire tragedy | Saket court sends the accused and owner of the Malviya Nagar hotel, Flourish Stays, Lovkesh Bajaj, to four days' police custody pic.twitter.com/DRq8vzCjZo
— ANI (@ANI) June 4, 2026
भीषण आग में 17 विदेशी नागरिकों समेत 21 लोगों की मौत हुई
बुधवार तड़के मालवीय नगर के घनी आबादी वाले इलाके में स्थित इस गेस्ट हाउस में भीषण आग लग गई थी, जिसमें 17 विदेशी नागरिकों सहित कुल 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। जांच के दौरान भवन में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार, भवन की खिड़कियां और कांच के पैनल पूरी तरह सील थे, जिससे धुआं बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। बेसमेंट का प्रवेश द्वार भी अंदर से बंद मिला, जिसे खोलने में बचाव दल को करीब 10 मिनट लगे। इसके बाद वहां से 6-7 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
वेंटिलेशन व्यवस्था और इमरजेंसी एग्जिट नहीं थी
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बेसमेंट के रास्ते में करीब ढाई फीट ऊंची लोहे की जाली भी मिली, जिसे काटने में बचावकर्मियों को लगभग 10 मिनट का समय लगा। जांच में यह भी सामने आया कि इमारत में पर्याप्त वेंटिलेशन व्यवस्था और इमरजेंसी एग्जिट नहीं था। इन कमियों के कारण धुआं तेजी से पूरे भवन में फैल गया और लोग अंदर फंस गए, जिससे निकासी अभियान प्रभावित हुआ।
फिलहाल मामले की जांच जारी है
जांच एजेंसियों ने "फ्लोरिश इन" गेस्ट हाउस की संरचनात्मक खामियों की भी पहचान की है। खिड़कियों के शीशे पूरी तरह बंद थे, जिससे आपात स्थिति में मेहमानों के पास बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। इसके अलावा कमरों में उचित वेंटिलेशन नहीं था और सीढ़ियों के रास्ते में कांच के पैनल, निर्माण सामग्री तथा लकड़ी के ढांचे रखे गए थे, जिससे लोगों की आवाजाही और बचाव कार्य बाधित हुआ। मामले की जांच जारी है।
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