चंडीगढ़, पंजाब: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में ₹1,890 करोड़ 16 लाख की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित की। इस राशि से सामाजिक सुरक्षा, महिला कल्याण, किसानों और उद्योगों से जुड़े लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार ने 15 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 35,06,841 लाभार्थियों के खातों में ₹1,129.05 करोड़ की राशि भेजी। इससे पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। 

इसके अलावा, लाडो लक्ष्मी योजना की 11वीं किस्त जारी की गई। इसके तहत 10.10 लाख बहनों के खातों में ₹212.16 करोड़ की राशि DBT के जरिए हस्तांतरित की गई। इसके अलावा दयालु योजना के तहत 4,520 परिवारों को ₹168.13 करोड़ की सहायता दी गई।  उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत 670 लाभार्थियों को ₹311.25 करोड़ जारी किए गए। इसके साथ ही HEEP के 539 लाभार्थियों को ₹45.44 करोड़, LWR के 4 लाभार्थियों को ₹9.29 करोड़ और हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति के 16 लाभार्थियों को ₹144.16 करोड़ जारी किए गए।

किसानों और महिलाओं को भी मिली सीधी आर्थिक मदद

प्लग एंड प्ले योजना के 10 लाभार्थियों को ₹24.53 करोड़, आत्मनिर्भर टेक्सटाइल नीति के 98 लाभार्थियों को ₹65.18 करोड़, पदमा योजना के 2 लाभार्थियों को ₹20.54 करोड़ तथा MSE क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत ₹2.11 करोड़ जारी किए गए। भावांतर भरपाई योजना के तहत 6,177 किसानों को ₹49.89 करोड़ की राशि हस्तांतरित की गई। वहीं, हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत 5 लाख बहनों के खातों में जुलाई महीने की ₹19.68 करोड़ की सब्सिडी भी DBT के माध्यम से भेजी गई।

स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने पर भी जोर

इसी कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। सरकार ने चंडीगढ़ स्थित एमएलए हॉस्टल की डिस्पेंसरी, अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल और करनाल जिले के नागरिक अस्पतालों के लिए नई अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनें खरीदने की मंजूरी प्रदान की है।

इस फैसले का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को समय पर और सटीक जांच की सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे मरीजों को जांच और इलाज के लिए महंगे निजी सेंटरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। सरकार का जोर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा सुविधाओं और जांच व्यवस्था को मजबूत करने पर है, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीकी सरकारी केंद्रों पर ही उपलब्ध हो सकें।

DBT के साथ स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने का संदेश

सरकार की ओर से एक तरफ विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई गई, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक जांच सुविधाएं बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इससे सामाजिक सुरक्षा, महिला कल्याण, किसान सहायता, उद्योग प्रोत्साहन और स्वास्थ्य सेवाओं को एक साथ मजबूत करने की सरकार की प्राथमिकता सामने आती है।