नई दिल्ली: कर्नाटक में नई सरकार के गठन को लेकर शुक्रवार को नई दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई। बैठक में निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और वरिष्ठ नेता केजे जॉर्ज शामिल हुए। डीके शिवकुमार ने दिन में राष्ट्रीय राजधानी स्थित एक होटल में कांग्रेस के अन्य नेताओं से भी मुलाकात की।

यह घटनाक्रम सिद्धारमैया के गुरुवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सामने आया है। इससे पहले सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ कर्नाटक कैबिनेट फेरबदल, राज्यसभा चुनाव और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की।

डीके शिवकुमार को नेता चुना जा सकता है

अगले मुख्यमंत्री को लेकर चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस विधायक अशोक पटन ने कहा कि शनिवार को होने वाली कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक में डीके शिवकुमार को नेता चुना जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि नए कर्नाटक मंत्रिमंडल में कई नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना है।

अशोक पटन ने कहा, “हम उम्मीद कर रहे हैं कि कल CLP बैठक में डीके शिवकुमार को नेता चुना जाएगा और वही सरकार बनाएंगे। मंत्रिमंडल में करीब 20 नए चेहरे शामिल हो सकते हैं। फिलहाल पार्टी में डीके शिवकुमार के सामने कोई प्रतिस्पर्धी नहीं है।”

"सिद्धारमैया ने पार्टी और राज्य दोनों के लिए अच्छा काम किया"

वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने इस घटनाक्रम को “स्मूद ट्रांजिशन” बताया और कहा कि नेतृत्व परिवर्तन का फैसला उसी समय हो गया था, जब सिद्धारमैया ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद संभाला था। मीडिया से बातचीत में मोइली ने कहा कि सिद्धारमैया ने पार्टी और राज्य दोनों के लिए अच्छा काम किया है और नए नेतृत्व में भी कांग्रेस सरकार स्थिर बनी रहेगी।

उन्होंने कहा, “यह एक नेतृत्व परिवर्तन है। सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता दोनों भूमिकाओं में अच्छा काम किया। ढाई साल बाद नेतृत्व परिवर्तन का फैसला पहले ही हो चुका था, हालांकि उन्हें कुछ महीने और जारी रखने दिया गया।”

सोनिया गांधी, राहुल गांधी से बातचीत के बाद ही अंतिम निर्णय होगा

मोइली ने कहा कि यह बदलाव कांग्रेस सरकार को अगले दो वर्षों तक और मजबूत बनाएगा तथा पार्टी की विरासत आगे भी जारी रहेगी। इस बीच, सतीश जारकीहोली ने उन्हें कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के दिल्ली से लौटने और पार्टी नेतृत्व से चर्चा के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।

पत्रकारों से बातचीत में जारकीहोली ने कहा, “सिद्धारमैया जी और डीके शिवकुमार जी दिल्ली गए हैं। वे पार्टी नेतृत्व से चर्चा करेंगे और जो भी फैसला होगा, हम उसे स्वीकार करेंगे। सोनिया गांधी और राहुल गांधी से बातचीत के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।”