बेंगलुरु, कर्नाटक: कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद के लिए नामित डीके शिवकुमार आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, उनके साथ 14 मंत्री भी शपथ ग्रहण करेंगे। कांग्रेस आलाकमान ने मंत्रियों की सूची को अंतिम मंजूरी दे दी है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह शाम 4 बजे बेंगलुरु के लोक भवन में आयोजित होगा, जहां नई सरकार के गठन की औपचारिक शुरुआत होगी।

वरिष्ठ नेता एमबी पाटिल भी ले सकते हैं मंत्री पद की शपथ

इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एमबी पाटिल ने मंत्री पद के लिए अपने चयन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि डीके शिवकुमार ने उन्हें फोन कर कैबिनेट में शामिल किए जाने की जानकारी दी और उन्होंने भी मुख्यमंत्री-नामित को शुभकामनाएं दीं।

कई वरिष्ठ नेताओं के मंत्री पद की शपथ लेने की संभावना

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जी. परमेश्वर ने भी बुधवार को डीके शिवकुमार के आवास पर मुलाकात की। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उन्हें नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। नई कैबिनेट में सतीश जारकीहोली, रामलिंगा रेड्डी, एमबी पाटिल, प्रियंक खड़गे और यतींद्र सिद्धारमैया समेत कई वरिष्ठ नेताओं के मंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है।

शपथ समारोह में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत नेता होंगे शामिल

शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के कई शीर्ष नेता शामिल होंगे, जिनमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला प्रमुख हैं। कांग्रेस शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशीलकुमार शिंदे भी समारोह में भाग लेने के लिए बेंगलुरु पहुंचे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस नेतृत्व का निर्णय राज्य और पार्टी दोनों के लिए सकारात्मक साबित होगा।

डीके शिवकुमार का राजनीतिक सफर

डीके शिवकुमार को कांग्रेस का "ट्रबलशूटर" माना जाता है। आठ बार विधायक रह चुके शिवकुमार ने संगठन और सरकार दोनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे 2020 से कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष रहे हैं और पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री भी थे।

15 मई 1962 को कर्नाटक के कनकपुरा में जन्मे शिवकुमार ने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। 1989 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने लगातार कई चुनावों में जीत दर्ज की और वोक्कालिगा बहुल क्षेत्रों में मजबूत जनाधार बनाया। कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ उनके करीबी संबंधों ने उन्हें मुख्यमंत्री पद तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।