नई दिल्ली: Siddaramaiah को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही सियासी अटकलों पर आखिरकार कांग्रेस ने विराम लगा दिया है। दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ हुई लंबी बैठकों के बाद पार्टी ने स्पष्ट कर दिया कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई और सिद्धारमैया फिलहाल मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
दिल्ली में करीब छह घंटे तक चली बैठकों में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar, कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल रहे।
बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने साफ तौर पर कहा कि बातचीत केवल राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों की रणनीति पर केंद्रित थी।
VIDEO | Delhi: Informing on the meeting of Congress leaders from Karnataka with the Congress high command at Indira Bhawan, Congress General Secretary (Organisation) KC Venugopal (@kcvenugopalmp) says, "Today we had a detailed meeting with Congress President Mallikarjun Kharge ji… pic.twitter.com/47GXtU2nuq
— Press Trust of India (@PTI_News) May 26, 2026
नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं पर लगा विराम
पिछले कुछ दिनों से कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई थीं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि पार्टी के भीतर कुछ नेता डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में सक्रिय हैं।
सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा था कि कांग्रेस नेतृत्व सत्ता संतुलन को लेकर नए विकल्पों पर विचार कर रहा है। लेकिन मंगलवार को हुई बैठकों के बाद पार्टी ने इन सभी अटकलों को “महज अफवाह” करार दिया।
केसी वेणुगोपाल ने क्या कहा?
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव K. C. Venugopal ने मीडिया से कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के साथ विस्तृत चर्चा हुई, लेकिन उसका फोकस केवल आगामी राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव थे।
उन्होंने कहा, “आज की पूरी बैठक सिर्फ चुनावी रणनीति पर केंद्रित थी। नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जो अटकलें लगाई जा रही हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है।”
वेणुगोपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों के नाम जल्द घोषित किए जाएंगे और यह प्रक्रिया अन्य राज्यों के साथ मिलाकर पूरी की जाएगी।
सिद्धारमैया ने भी दिया संकेत
बैठक के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी साफ कहा कि कैबिनेट विस्तार या नेतृत्व परिवर्तन जैसे किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई।
उन्होंने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि बैठक पूरी तरह चुनावी रणनीति को लेकर थी। इसके बाद वह बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए।
अलग-अलग मुलाकातों ने बढ़ाई थी हलचल
दिल्ली में हुई बैठकों ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी थी। पहले राहुल गांधी और खरगे ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के साथ संयुक्त बैठक की। इसके बाद दोनों नेताओं से अलग-अलग वन-टू-वन बातचीत भी हुई।
इसी वजह से राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे संभावित नेतृत्व बदलाव से जोड़कर देखना शुरू कर दिया था।
हालांकि कांग्रेस नेताओं के आधिकारिक बयान के बाद अब यह साफ हो गया है कि पार्टी फिलहाल कर्नाटक में कोई बड़ा बदलाव नहीं चाहती।
राज्यसभा चुनाव पर फोकस
कांग्रेस इस समय कर्नाटक की राज्यसभा और विधान परिषद सीटों को लेकर रणनीतिक तैयारी में जुटी हुई है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि उम्मीदवार चयन और राजनीतिक समीकरणों को लेकर किसी तरह का भ्रम न रहे।
इसी वजह से दिल्ली में शीर्ष नेताओं के साथ लगातार बैठकों का दौर चला।
DK शिवकुमार की भूमिका बनी रहेगी अहम
हालांकि नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें खारिज कर दी गई हैं, लेकिन उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की भूमिका अभी भी कर्नाटक कांग्रेस में बेहद अहम मानी जा रही है।
कांग्रेस संगठन और सरकार दोनों में उनकी मजबूत पकड़ है। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी आने वाले विधानसभा और लोकसभा समीकरणों को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाए रखना चाहती है।
कांग्रेस के सामने चुनौती क्या?
कर्नाटक कांग्रेस फिलहाल सत्ता में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर रही है। पार्टी नहीं चाहती कि नेतृत्व विवाद का कोई संदेश जनता के बीच जाए।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस आलाकमान फिलहाल राज्य में किसी बड़े बदलाव के बजाय संगठन और चुनावी रणनीति पर ध्यान देना चाहता है।
फिलहाल सिद्धारमैया ही चेहरा
दिल्ली बैठकों के बाद यह लगभग साफ हो गया है कि सिद्धारमैया ही आगे भी कर्नाटक सरकार का नेतृत्व करेंगे।
हालांकि राजनीति में परिस्थितियां तेजी से बदलती हैं, लेकिन मौजूदा संकेत यही बताते हैं कि कांग्रेस फिलहाल किसी भी तरह के नेतृत्व परिवर्तन के मूड में नहीं है।
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