आलू भारतीय रसोई में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सब्जियों में से एक है। आलू की सब्जी बनानी हो, पराठे तैयार करने हों या कोई स्नैक बनाना हो, कई व्यंजनों में इसे छीलकर इस्तेमाल किया जाता है। इस दौरान निकलने वाले छिलके अक्सर सीधे कूड़ेदान में चले जाते हैं। लेकिन थोड़ी समझदारी से इनका इस्तेमाल घर के कुछ कामों में किया जा सकता है।
आलू के छिलकों में कुछ पोषक तत्व और स्टार्च मौजूद होते हैं। हालांकि, इन्हें हर घरेलू समस्या का समाधान मानना सही नहीं है। खासकर त्वचा से जुड़ी समस्याओं के लिए इनके फायदे के मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसके बावजूद, सफाई और कम्पोस्ट बनाने जैसे कामों में इन्हें उपयोग में लाकर रसोई के कचरे को कम किया जा सकता है।
आइए जानते हैं आलू के छिलकों के पांच उपयोग और उन्हें अपनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1. बर्तनों की सफाई में आ सकते हैं काम
आलू के छिलकों का इस्तेमाल कुछ बर्तनों पर लगी हल्की गंदगी को साफ करने के लिए किया जा सकता है। छिलकों की सतह से बर्तन को रगड़ने पर ढीली गंदगी हटाने में मदद मिल सकती है।
कैसे करें इस्तेमाल?
- ताजे आलू के छिलके लें और उन्हें साफ पानी से धो लें।
- स्टील के किसी बर्तन की कम दिखाई देने वाली जगह पर पहले आजमाएं।
- छिलके से हल्के हाथों से रगड़ें और फिर बर्तन को डिशवॉश लिक्विड से धो लें।
- इस्तेमाल के बाद बर्तन को अच्छी तरह पानी से साफ करें और सुखा लें।
ध्यान रखें कि आलू के छिलके जंग हटाने का भरोसेमंद विकल्प नहीं हैं। गहरी जंग के लिए बर्तन की सामग्री के अनुकूल क्लीनर का इस्तेमाल करना बेहतर है। नॉन-स्टिक और नाजुक सतहों पर रगड़ने से बचें।
2. कांच और शीशे की सफाई में करें इस्तेमाल
खिड़कियों और शीशों पर धूल, उंगलियों के निशान और पानी के दाग जमा हो जाते हैं। इनकी सफाई के लिए आलू के छिलकों को आजमाया जा सकता है, लेकिन परिणाम सतह और गंदगी के प्रकार पर निर्भर करेंगे।
कैसे करें इस्तेमाल?
सबसे पहले शीशे से धूल हटाएं। यदि छिलकों का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो उन्हें एक छोटे हिस्से पर हल्के हाथों से रगड़कर देखें। इसके बाद साफ, नम कपड़े से सतह पोंछें और सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े से सुखा दें।
शीशे पर चिकनाई या जिद्दी दाग हों, तो सामान्य ग्लास क्लीनर अधिक प्रभावी हो सकता है। छिलकों का रस सतह पर छोड़ने से बचें, क्योंकि इससे निशान रह सकते हैं।
3. पौधों के लिए बनाएं कम्पोस्ट
आलू के छिलकों का सबसे उपयोगी घरेलू इस्तेमाल उन्हें जैविक खाद में बदलना है। इनमें मौजूद जैविक पदार्थ कम्पोस्ट तैयार करने में योगदान देते हैं। इससे रसोई के कचरे को कम करने में भी मदद मिलती है।
कैसे करें इस्तेमाल?
- आलू के छिलकों को छोटे टुकड़ों में काट लें।
- इन्हें कम्पोस्ट बिन में सूखी पत्तियों, कागज के छोटे टुकड़ों या अन्य सूखी जैविक सामग्री के साथ डालें।
- नमी संतुलित रखें और कम्पोस्ट को समय-समय पर मिलाते रहें।
- जब सामग्री अच्छी तरह सड़कर गहरे रंग की मिट्टी जैसी बन जाए, तब उसे पौधों की मिट्टी में मिलाएं।
छिलकों को सीधे गमले की मिट्टी में अधिक मात्रा में दबाने से बचें। ऐसा करने पर दुर्गंध, कीट या फफूंद की समस्या हो सकती है।
4. आलू के छिलके और त्वचा की देखभाल
कुछ घरेलू नुस्खों में आलू के छिलकों को टैनिंग, झाइयों और चेहरे के दाग-धब्बों के लिए इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। लेकिन यह दावा प्रमाणित नहीं है कि छिलकों को चेहरे पर रगड़ने से ये समस्याएं दूर हो जाती हैं।
अगर चेहरे पर डार्क स्पॉट्स या पिगमेंटेशन की समस्या है, तो नियमित सनस्क्रीन और त्वचा के अनुकूल उत्पाद अधिक उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। किसी भी घरेलू सामग्री से जलन या एलर्जी होने की आशंका रहती है।
सावधानी: संवेदनशील या क्षतिग्रस्त त्वचा पर आलू के छिलके न रगड़ें। जलन, लालिमा या खुजली होने पर तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें। लगातार बने दागों के लिए त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।
5. आंखों के नीचे सूजन के लिए ठंडे छिलकों का नुस्खा?
कुछ लोग ठंडे आलू के छिलकों को बंद आंखों पर रखकर थकान और सूजन से राहत पाने की कोशिश करते हैं। ठंडक से थोड़ी देर के लिए आराम मिल सकता है, लेकिन आलू के छिलकों से डार्क सर्कल्स खत्म होने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।
आंखों के आसपास की त्वचा बेहद नाजुक होती है। इसलिए इस हिस्से पर कच्चे छिलके रखने से बचना बेहतर है। यदि ठंडक से आराम चाहिए, तो साफ कपड़े में लपेटा हुआ ठंडा कंप्रेस कुछ मिनट के लिए बंद आंखों पर रखा जा सकता है। बर्फ को सीधे त्वचा पर न लगाएं।
आलू के छिलके फेंकने से पहले अपनाएं सही तरीका
आलू के छिलकों का उपयोग करने का सबसे व्यावहारिक तरीका उन्हें कम्पोस्ट में बदलना है। सफाई के लिए इस्तेमाल करने से पहले सतह के एक छोटे हिस्से पर परीक्षण करें और बाद में अच्छी तरह धोएं। त्वचा से जुड़े घरेलू नुस्खों को इलाज का विकल्प न मानें।
छोटी-सी आदत बदलकर आप रसोई के कचरे को कम कर सकते हैं और कुछ घरेलू कामों में सामग्री का दोबारा उपयोग कर सकते हैं। बस ध्यान रखें कि हर घरेलू नुस्खा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं होता और सुरक्षित इस्तेमाल सबसे जरूरी है।
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