विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश: इबोला वायरस के वैश्विक स्तर पर बढ़ते खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में सतर्कता बढ़ा दी है। विदेशी देशों से आने वाले यात्रियों की विशेष निगरानी की जा रही है और गन्नवरम हवाई अड्डे पर सघन स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। सरकारी जनरल अस्पताल (जीजीएच) विजयवाड़ा की चिकित्सक डॉ. सुजाना ने बताया कि पिछले 20 दिनों से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की नियमित जांच की जा रही है।
विशेष रूप से सिंगापुर से आने वाले यात्रियों की सप्ताह में तीन दिन, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार स्क्रीनिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सिंगापुर से आए 127 यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की गई। इसके अलावा पिछले सप्ताह गन्नवरम हवाई अड्डे पर पहुंचे हज यात्रियों की भी विशेष स्क्रीनिंग की गई, जिसमें दोपहर और देर रात के समय भी जांच शामिल रही। डॉ. सुजाना ने कहा कि अब तक जांच किए गए किसी भी यात्री में इबोला से जुड़े लक्षण नहीं पाए गए हैं। साथ ही, किसी संदिग्ध मामले के सामने आने पर तत्काल अलग रखने के लिए क्वारंटीन कक्ष भी तैयार रखे गए हैं।

क्या है इबोला वायरस?
इबोला एक गंभीर वायरल रक्तस्रावी बुखार (वायरल हेमरेजिक फीवर) है, जो बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के इबोला वायरस से फैलता है। यह अत्यंत खतरनाक बीमारी मानी जाती है और इसकी मृत्यु दर काफी अधिक होती है। वर्तमान में इस विशेष स्ट्रेन के इबोला संक्रमण की रोकथाम या उपचार के लिए कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष दवा उपलब्ध नहीं है।
VIDEO | Vijayawada, Andhra Pradesh: Medical officials conduct precautionary Ebola screening at Gannavaram airport. (Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7)#Vijayawada pic.twitter.com/We2hxRQhZK
— Press Trust of India (@PTI_News) June 9, 2026
केंद्र सरकार और WHO की चेतावनी
केंद्र सरकार ने नागरिकों को कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। कांगो और युगांडा में इबोला के प्रकोप को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 17 मई 2026 को इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति (PHEIC) घोषित किया था।
वहीं, अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका CDC) ने भी कांगो और युगांडा में फैले बुंडीबुग्यो इबोला वायरस प्रकोप को महाद्वीपीय सुरक्षा से जुड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति (PHECS) घोषित किया है। डब्ल्यूएचओ ने सदस्य देशों को प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ाने, संक्रमित क्षेत्रों से आने वाले बुखारग्रस्त यात्रियों की जांच करने और प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह दी है।
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