Logo

26/11 मुंबई हमले से जुड़े बड़े षड्यंत्र मामले में जांच तेज, अगली सुनवाई 24 अप्रैल को...

By: GTC Bharat Desk  |  Edited By: Preeti Kamal  |  Updated at: March 20th 2026 01:57 PM

26/11 मुंबई हमले से जुड़े बड़े षड्यंत्र मामले में जांच तेज, अगली सुनवाई 24 अप्रैल को...
26/11 मुंबई हमले से जुड़े बड़े षड्यंत्र मामले में जांच तेज, अगली सुनवाई 24 अप्रैल को...

नई दिल्ली: पटियाला हाउस कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को निर्देश दिया है कि वह 26/11 मुंबई आतंकी हमले से जुड़े बड़े षड्यंत्र मामले में आरोपी तहव्वुर राणा के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाए। अदालत ने एजेंसी से कहा है कि वह मई 2026 तक यह कार्य पूरा करने का प्रयास करे। इस मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

सुनवाई के दौरान NIA ने अदालत को बताया कि उसने राणा के वॉयस सैंपल पहले ही प्राप्त कर लिए हैं, जो जांच में जुटाए गए अन्य सबूतों को पुष्ट करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

हमलों की रेकी में सहायता मुख्य साजिशकर्ता का आरोप

यह मामला वर्ष 2008 के 26/11 मुंबई आतंकी हमले से जुड़े व्यापक षड्यंत्र की जांच का हिस्सा है। जांच एजेंसी के अनुसार, राणा पर आरोप है कि उसने हमलों की रेकी में सहायता की और मुख्य साजिशकर्ता डेविड कोलमेन हेडली की मदद की।

NIA का दावा है कि राणा ने मुंबई में एक इमिग्रेशन कंसल्टेंसी के नाम से एक कॉर्पोरेट फ्रंट स्थापित किया था, जिसका उपयोग कथित रूप से निगरानी और रेकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया गया। एजेंसी के अनुसार, इस कार्यालय में कोई वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि नहीं थी और इसे केवल आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने के लिए इस्तेमाल किया गया।

 हमले की साजिश लगभग 2005 से शुरू हुई थी- NIA

जांच अधिकारियों का यह भी कहना है कि यह साजिश लगभग 2005 से शुरू हुई थी, जिसमें पाकिस्तान से जुड़े ऑपरेटिव शामिल थे और इसका उद्देश्य भारत के खिलाफ बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों को अंजाम देना था। इस संदर्भ में लश्कर-ए-तैयबा का नाम भी सामने आया है।

पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले

राणा को 2025 में संयुक्त राज्य अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था, जिसके बाद उसे विशेष NIA अदालत के गैर-जमानती वारंट के तहत हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, राणा की हिरासत में पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिसके चलते आगे और जांच की आवश्यकता बनी हुई है।

इसी कारण एजेंसी को सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। अब इस मामले में आने वाले हफ्तों में जांच की दिशा और तेज होने की उम्मीद है, क्योंकि NIA लगातार सबूतों को एकत्रित कर पूरे षड्यंत्र की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।




TAGS : NIA  |  Mumbai  |  Terrorism  |  Judiciary