नई दिल्ली, मुंबई: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर शुक्रवार को दिल्ली और मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए। विपक्षी दलों और विभिन्न नागरिक संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। दिल्ली में जंतर-मंतर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य नागरिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग तथा SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। 

प्रदर्शन को देखते हुए शिवाजी पार्क में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रदर्शनकारियों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों का जवाब तीनों चुनाव आयुक्तों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया जा चुका है।

दिल्ली में जंतर-मंतर के पास SFI-DYFI का प्रदर्शन

दिल्ली में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के सदस्यों ने जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन किया। उनके साथ विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग के खिलाफ आवाज उठाई।

CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार को हटाया नहीं जाता, तब तक छात्र और युवा आंदोलन जारी रहेगा।

बृंदा करात ने SIR रोकने की मांग की

CPI(M) नेता बृंदा करात ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और SIR प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की। उन्होंने चुनाव आयोग से जुड़े 2023 के कानून में बदलाव की मांग भी उठाई।

सौरभ भारद्वाज हिरासत में लिए गए

आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी दिल्ली में SIR के खिलाफ प्रदर्शन किया। AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज जंतर-मंतर पहुंचने के कुछ ही समय बाद दिल्ली पुलिस की हिरासत में ले लिए गए।

भारद्वाज ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया और हिरासत के दौरान उन्हें भी खरोंच आई। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मी उनके आवास के बाहर रातभर तैनात रहे। उन्होंने युवाओं और जेन-जी से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि अगर वह बिना वाहन के मेट्रो से जंतर-मंतर पहुंच सकते हैं, तो दूसरे लोग भी वहां पहुंच सकते हैं।

AAP ने दावा किया कि सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद हिरासत में लिया गया। भारद्वाज ने लोगों से संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की।

आतिशी समेत कई विपक्षी नेता हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने AAP नेता आतिशी, विधायक कुलदीप कुमार तथा AAP, कांग्रेस और संयुक्त विपक्ष से जुड़े अन्य नेताओं को भी प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारियों की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रोकने से जुड़ी रही।

नई दिल्ली में बीएनएसएस की धारा 163 लागू

दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की है। इसके तहत पूर्व लिखित अनुमति के बिना पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस, प्रदर्शन, धरना, नारेबाजी और भाषण पर रोक लगाई गई है।

पुलिस ने हथियार, बैनर, पोस्टर, लाठी, तलवार, डंडे और इस तरह की अन्य वस्तुएं ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने लोगों से कानून का पालन करने और पुलिस के साथ सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन स्थल पर कुछ लोगों के घायल होने की सूचना मिली है और स्थिति का आकलन किया जा रहा है।

जंतर-मंतर के आसपास भारी सुरक्षा

जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स और दंगा नियंत्रण वाहन तैनात किए गए। आसपास की सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए और संभावित भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी मांगा गया।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने भी सुरक्षा कारणों से 11 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अगले आदेश तक बंद कर दिए। इनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं। कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रही।

6 अक्टूबर और 1 नवंबर को भी कार्यक्रम

चुनाव आयोग और SIR को लेकर विपक्ष तथा नागरिक संगठनों के विरोध का सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है। इंडिया गठबंधन की ओर से 6 अक्टूबर को कार्यक्रम और 1 नवंबर को दिल्ली में रैली की योजना बताई गई है।