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सरकार का बड़ा एक्शन: 300 बेटिंग और जुआ प्लेटफॉर्म बैन, अब तक 8,400 वेबसाइट्स ब्लॉक...

By: GTC Bharat Desk  |  Edited By: Preeti Kamal  |  Updated at: March 20th 2026 06:12 PM

सरकार का बड़ा एक्शन: 300 बेटिंग और जुआ प्लेटफॉर्म बैन, अब तक 8,400 वेबसाइट्स ब्लॉक...
सरकार का बड़ा एक्शन: 300 बेटिंग और जुआ प्लेटफॉर्म बैन, अब तक 8,400 वेबसाइट्स ब्लॉक...

नई दिल्ली: भारत में अवैध ऑनलाइन बेटिंग और जुआ प्लेटफॉर्म के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 300 वेबसाइट्स और मोबाइल एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में बढ़ती अनियमितताओं और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को देखते हुए की गई है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, जिन प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया गया है उनमें ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग साइट्स, स्लॉट्स और रूलेट जैसे कैसीनो गेम्स देने वाले ऐप्स, लाइव डीलर टेबल्स और पीयर-टू-पीयर बेटिंग एक्सचेंज शामिल हैं। इसके अलावा सट्टा/ मटका नेटवर्क और रियल-मनी कार्ड गेमिंग एप्स को भी निशाने पर लिया गया है।

अब तक 8,400 वेबसाइट्स पर कार्रवाई

अधिकारियों ने बताया कि अब तक कुल 8,400 से अधिक ऐसी वेबसाइट्स को ब्लॉक किया जा चुका है। इनमें से करीब 4,900 प्लेटफॉर्म्स को Online Gaming Act लागू होने के बाद हटाया गया है। इससे पहले जनवरी में भी सरकार ने 242 अवैध बेटिंग वेबसाइट लिंक ब्लॉक किए थे।

यूजर्स की सुरक्षा पर फोकस

सरकार का कहना है कि यह कदम खासतौर पर युवाओं को ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी की लत से बचाने के लिए उठाया गया है। इन प्लेटफॉर्म्स के कारण आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और सामाजिक समस्याएं बढ़ रही थीं।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सख्ती

इस कानून को संसद से पारित होने के बाद द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी थी। यह कानून ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को रेगुलेट करने और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लाया गया है।

वैश्विक स्तर पर भी चिंता

ऑनलाइन गेमिंग की लत को लेकर वैश्विक स्तर पर भी चिंता जताई गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने “गेमिंग डिसऑर्डर” को एक मानसिक स्वास्थ्य स्थिति के रूप में मान्यता दी है। इसके अनुसार, यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति खेल पर नियंत्रण खो देता है और इसके नकारात्मक प्रभावों के बावजूद लगातार खेलता रहता है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आगे भी ऐसे अवैध प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि डिजिटल इकोनॉमी को सुरक्षित और जिम्मेदार दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।