लखनऊ, उत्तर प्रदेश: बिहार के जमुई में दो नाबालिग छात्रों के साथ कथित बदसलूकी और उत्पीड़न के मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मंगलवार को कहा कि कानून का शासन कायम है और अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बिहार सरकार को ‘जंगलराज’ कहे जाने से भी असहमति जताई। राजभर ने कहा, “कानून का शासन वहां कायम है। यह ‘जंगलराज’ की सरकार नहीं है... अगर कोई अपराध करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।”
पुलिस के अनुसार, जमुई में 19 सितंबर की शाम एक नाबालिग लड़का और लड़की को एक समूह ने कथित तौर पर रोका और उनके साथ बदसलूकी की। दोनों छात्र कक्षा 10 में पढ़ते हैं और कोचिंग से लौट रहे थे। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। इसमें पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) की धाराएं भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, वीडियो के आधार पर करीब सात संदिग्धों की पहचान की गई है।
#WATCH | Lucknow: On the Jamui minor harassment case, Uttar Pradesh minister Om Prakash Rajbhar says, "The rule of law prevails there. This is not a 'Jungle Raj' government... If a criminal commits a crime, action will be taken against them..." pic.twitter.com/TtrD4Ae2oP
— ANI (@ANI) September 22, 2026
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी, SIT कर रही जांच
पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और बाकी संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है। मामले की जांच के लिए जमुई के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो सामने आने के बाद उसकी मदद से संदिग्धों की पहचान की गई। जांच में घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
वीडियो वायरल करने वालों पर भी कार्रवाई
मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पर नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो के प्रसार को लेकर भी कार्रवाई शुरू की है। मंगलवार को करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने लोगों से वीडियो को आगे साझा नहीं करने की अपील की है। नाबालिग की पहचान उजागर करने वाली सामग्री का प्रसार कानून के तहत गंभीर मामला हो सकता है। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ऐसे वीडियो हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
घटना के बाद बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मामले को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं, सत्तारूढ़ गठबंधन से जुड़े नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया है और कहा है कि घटना की जानकारी मिलते ही एफआईआर, गिरफ्तारी और SIT गठन जैसी कार्रवाई की गई। इस बीच, राजभर ने भी कहा कि अपराध करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी मामले का स्वत: संज्ञान लिया है और बिहार पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने नाबालिग की पहचान उजागर करने वाली सामग्री को आगे प्रसारित नहीं करने की जरूरत पर जोर दिया है। फिलहाल पुलिस बाकी संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। मामले की जांच जारी है और आरोपियों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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