नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में अर्थव्यवस्था, कृषि और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े तीन अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का कुल वित्तीय आकार करीब ₹2.79 लाख करोड़ बताया गया है।
कैबिनेट के फैसलों में सबसे ज्यादा चर्चा किसानों से जुड़े निर्णय की है। सरकार ने Marketing Season 2027-28 के लिए छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इसके साथ ही Renewable Energy के लिए PM DHARA कार्यक्रम और दिल्ली के लिए Intelligent Traffic Management System को भी स्वीकृति दी गई।
किसानों के लिए छह फसलों की MSP बढ़ी
सरकार के फैसले के मुताबिक रबी सीजन की छह फसलों के MSP में संशोधन किया गया है। इनमें गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम शामिल हैं।
दिए गए नए आंकड़ों के अनुसार गेहूं की MSP ₹2,610 प्रति क्विंटल तय की गई है, जबकि इसमें ₹25 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। जौ की MSP ₹2,286 रुपये, चना ₹5,958 रुपये, मसूर ₹7,390 रुपये, सरसों ₹6,613 रुपये और कुसुम की MSP ₹7,215 रुपये प्रति क्विंटल होगी।
| फसल | MSP 2027-28 | बढ़ोतरी |
| गेहूं | ₹2,610 | ₹25 |
| जौ | ₹2,286 | ₹136 |
| चना | ₹5,958 | ₹83 |
| मसूर | ₹7,390 | ₹390 |
| सरसों | ₹6,613 | ₹413 |
| कुसुम | ₹7,215 | ₹675 |
इन आंकड़ों के मुताबिक कुसुम में सबसे अधिक ₹675 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है, जबकि गेहूं में वृद्धि ₹25 प्रति क्विंटल है।
रबी फसलों के MSP में बदलाव का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध कराना और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना है। सरकार की MSP नीति में उत्पादन लागत और किसानों को मिलने वाले संभावित मार्जिन को भी ध्यान में रखा जाता है।
Renewable Energy के लिए PM DHARA
कैबिनेट का दूसरा बड़ा फैसला Renewable Energy infrastructure से संबंधित PM DHARA कार्यक्रम को लेकर है। इसके लिए करीब ₹1.86 लाख करोड़ का प्रावधान बताया गया है।
इस कार्यक्रम का फोकस देश में Renewable Energy की बढ़ती हिस्सेदारी को सपोर्ट करने वाले बिजली ग्रिड और Smart Grid infrastructure को मजबूत करना है।
Renewable Energy capacity बढ़ने के साथ बिजली के transmission और distribution network को भी आधुनिक बनाने की जरूरत बढ़ रही है। ऐसे में इस कार्यक्रम के जरिए ग्रिड से जुड़ी आवश्यक infrastructure क्षमता को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य Renewable Energy को बिजली व्यवस्था में अधिक प्रभावी तरीके से integrate करना है। इससे भविष्य में बढ़ती Renewable Energy generation को grid network से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली में Intelligent Traffic Management System
कैबिनेट का तीसरा फैसला राजधानी दिल्ली के traffic management से जुड़ा है। सरकार ने दिल्ली के लिए Intelligent Traffic Management System (ITMS) को मंजूरी दी है।
इसके लिए करीब ₹1,790 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
ITMS के जरिए तकनीक आधारित traffic monitoring और management को मजबूत करने की योजना है। सिस्टम का इस्तेमाल traffic congestion की निगरानी, सड़क सुरक्षा और वाहनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से manage करने में किया जाएगा।
दिल्ली जैसे बड़े महानगर में लगातार बढ़ते traffic pressure के बीच technology-based traffic management को महत्वपूर्ण infrastructure intervention माना जा रहा है।
तीनों फैसलों का व्यापक दायरा
कैबिनेट के इन तीन फैसलों में कृषि, ऊर्जा और शहरी परिवहन—तीनों क्षेत्रों को शामिल किया गया है। एक तरफ रबी फसलों के MSP में बदलाव किसानों से जुड़ा है, वहीं PM DHARA Renewable Energy infrastructure पर केंद्रित है। दिल्ली का ITMS शहरी mobility और traffic management को technology-driven बनाने की दिशा में है।
इन तीनों प्रस्तावों का संयुक्त वित्तीय आकार करीब ₹2.79 लाख करोड़ है। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा PM DHARA कार्यक्रम का है, जबकि MSP फैसले के तहत किसानों को मिलने वाले संभावित भुगतान का अनुमान करीब ₹90,962 करोड़ बताया गया है।
कैबिनेट के ये फैसले ऐसे समय आए हैं जब सरकार कृषि उत्पादन, Renewable Energy capacity और बड़े शहरों में infrastructure modernization से जुड़े कार्यक्रमों पर जोर दे रही है।
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