खोरधा/ पुरी: ओडिशा में भारी बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। खोरधा जिले के बनपुर में पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है, जबकि कई प्रमुख सड़कें जलमग्न होने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। बनपुर-बालूगांव मार्ग पर पानी बढ़ने के कारण संपर्क भी बाधित हो गया है।
भारी बारिश के बाद बनपुर इलाके में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कई सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। बनपुर-बालूगांव सड़क के प्रभावित होने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, धान के खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
मलकानगिरी में प्रशासन ने संभाला मोर्चा
भारी बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच 25 सितंबर को मलकानगिरी जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का एडीएम सोम नाथ प्रधान ने दौरा किया। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इसी दौरान नादिगुड़ा गांव में साबेरी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ के पानी में फंसे एक परिवार को मैथिली अग्निशमन सेवा दल ने सुरक्षित बाहर निकाला।
#WATCH | Odisha: Flood-like situation in Banpur of Khordha district after heavy rainfall. Various main roads, including Banpur-Balugaon disconnected as floodwater enters residential areas. Paddy fields also submerged, affecting farmers. pic.twitter.com/T0pMVZ0Guo
— ANI (@ANI) September 26, 2026
पुरी में समुद्र बेहद उग्र, पर्यटकों के लिए रेड अलर्ट
भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों के खतरे को देखते हुए पुरी जिला प्रशासन ने समुद्र तट पर पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए हैं। समुद्र तट पर लाल झंडे लगाए गए हैं और पर्यटकों के समुद्र में नहाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अलग-अलग समुद्र तटीय क्षेत्रों में लाइफगार्ड तैनात किए गए हैं। ओडिशा फायर सर्विस के 98 लाइफगार्ड पर्यटकों को लगातार समुद्र से दूर रहने की चेतावनी दे रहे हैं।
अगले दो दिन बेहद संवेदनशील
असिस्टेंट स्टेशन ऑफिसर अनंत प्रसाद बिस्वाल ने एएनआई से बातचीत में बताया कि गहरे दबाव के कारण पुरी को रेड जोन घोषित किया गया है और अगले दो दिनों तक स्थिति गंभीर रहने की आशंका है। समुद्र में तेज लहरें और बेहद अशांत परिस्थितियां बनी हुई हैं। प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के जरिए लगातार चेतावनी दी जा रही है। पर्यटकों को समुद्र में प्रवेश न करने की सलाह दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए लाइफगार्ड के साथ एटीवी बाइक और मेगाफोन भी तैनात किए गए हैं।
डूबने की घटनाओं को रोकने पर जोर
फायर सर्विस के अधिकारी के मुताबिक, कलेक्टर ने लाइफगार्ड को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी पर्यटक समुद्र में स्नान के लिए न जाए। समुद्र में ऊंची लहरों और तेज ज्वार की स्थिति को देखते हुए प्रशासन का मुख्य लक्ष्य किसी भी तरह की डूबने की घटना को रोकना है। स्थिति को देखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं। वहीं, समुद्र में मछली पकड़ने गए मछुआरे वापस तट पर लौट आए हैं। मत्स्य विभाग ने मछुआरों को अपनी नावों, जाल और अन्य उपकरणों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम और जलस्तर की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने तथा अधिकारियों की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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